'रामायण' के 'विभीषण' का हुआ था दर्दनाक अंत, एक दिन तक यूं ही पड़ी रही लाश, मौत की वजह जान कांप उठेगी रूह...
नई दिल्ली। रामानंद सागर के टीवी सीरियल 'रामायण' को लगभग 4 दशक हो चुके हैं, लेकिन आज तक भारतीय टीवी के इतिहास में कोई शो रामायण की लोकप्रियता को टक्कर नहीं दे पाया है। रामानंद सागर ने अपने शो से कई कलाकारों को स्टार बनाया था। उन्होंने कई कलाकारों का ऐसा सितारा चमकाया कि आज तक दर्शक उन्हें भूले नहीं है।
रामायण में विभीषण के रोल में नजर आए एक्टर मुकेश रावल एक ऐसा ही नाम है। इस शो से उन्होंने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया था, लेकिन उनका अंत इतना दर्दनाक था कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
अभिनेता मुकेश रावल की मौत का किस्सा सुनकर आज भी लोगों की रूह कांप उठती है. रेलवे पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने एक्टर की मौत की पुष्टि करते हुए आरपीएफ को बताया था कि उनका शव सुबह 9:33 बजे रेलवे ट्रैक पर मिला था. वो पटरी पर उतरकर प्लेटफॉर्म क्रॉस कर रहे थे और इस चक्कर में ट्रेन के चपेट में आ गए थे. उन्होंने पीटीआई को बताया कि यह शव बोरीवली और कांदिवली रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला था।
दर्दनाक रहा अंत
अधिकारी के मुताबिक, शव मिलने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और अगले दिन अभिनेता के परिवार ने आकर उनकी पहचान की. एक दिन तक एक्टर की लाश यूं ही पड़ी रही थी और अगले दिन आकर परिवार ने उनकी बॉडी की पहचान की थी. भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम दौर की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में गिनी जाने वाली रामायण ने कई कलाकारों को अमर पहचान दी।
विभीषण नहीं बनना चाहते थे एक्टर
मुकेश रावल भी एक ऐसा ही नाम थे. विभीषण के किरदार से उन्हें घर-घर में पहचान मिली थी, लेकिन वो असल में ये किरदार अदा ही नहीं करना चाहते थे. वो मेघनाद का रोल अदा करना चाहते थे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका. रामानंद सागर को एक्टर का क्लिप विभीषण के रोल के लिए ज्यादा पसंद आए. उनके ऑडिशन के बाद उन्हें विभीषण के रोल में कास्ट किया गया।