'मैं तो पैदा भी नहीं हुआ था, तब से मेरे पिता...' KKR की धुलाई करने के बाद एक ही मैच से बने स्टार मुकुल का सीना चीर देने वाला बयान...
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के नए स्टार मुकुल चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के संघर्ष और अपनी आक्रामक मानसिकता को दिया है। मुकुल ने भावुक होते हुए बताया कि उनके क्रिकेटर बनने का सपना उनके पिता ने उनके जन्म से पहले ही देख लिया था। जिसे आज वह जी रहे और आज पूरा भारत उनका नाम जान रहा है।
असंभव जीत को मुकुल ने किया संभव
केकेआर के खिलाफ असंभव सी दिख रही जीत को हकीकत में बदलने वाले मुकुल चौधरी ने मैच के बाद अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया। मुकुल ने बताया कि उनकी यह यात्रा उस समय शुरू हुई थी जब उनके पिता की शादी भी नहीं हुई थी। उन्होंने सपना देखा था कि उनका बेटा बड़ा होकर क्रिकेटर बनेगा। मुकुल ने कहा, 'मेरे पिता का सपना था कि मैं क्रिकेट खेलूं। मैंने एज-ग्रुप लेवल से शुरुआत की, लेकिन सिक्किम में अच्छी एकेडमी नहीं थी, इसलिए मुझे दिल्ली और गुड़गांव में जाकर मैच खेलने पड़े, जिससे मुझे काफी मदद मिली।'
वो पल जब पिता को हुआ मुकुल पर यकीन
मुकुल ने उस पुराने मैच को याद किया जिसने उनके पिता के विश्वास को पक्का कर दिया। उन्होंने बताया, 'जब मैं यूपी के खिलाफ अंडर-19 मैच खेल रहा था, वह एक लो-स्कोरिंग मैच था। मैंने वहां अच्छा योगदान दिया और तभी मेरे पिता जान गए थे कि मैं कुछ बड़ा करूंगा। वह मेरा केवल दूसरा मैच था।' आज आईपीएल के बड़े मंच पर दबाव को लेकर मुकुल ने कहा कि भगवान ने मुझे यह मौका दिया है। दबाव तो होता है, लेकिन यह खुद का नाम बनाने का एक बेहतरीन अवसर भी है।
मुकुल को जमीन पर खेलना पसंद नहीं
मैच के आखिरी पलों में अपनी रणनीति पर बात करते हुए मुकुल ने बताया कि उनका लक्ष्य अंत तक टिके रहना था। मुकुल ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी पर कह, 'मुझे बचपन से ही छक्के मारना पसंद है, जमीन पर खेलना मुझे ज्यादा नहीं भाता। केकेआर के खिलाफ लगाया गया पहला छक्का मेरे लिए खास था, क्योंकि पिछले दो मैचों में मैं एक भी छक्का नहीं लगा पाया था।' उन्होंने आगे कहा कि उनके दिमाग में यह साफ था कि चार में से एक गेंद उनके स्लॉट में जरूर आएगी और वह बस उसी का इंतजार कर रहे थे।
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए नई उम्मीद
मुकुल चौधरी के इस बयान और उनके बेखौफ अंदाज ने यह साफ कर दिया है कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं। जिस तरह से उन्होंने दबाव में खुद को शांत रखा और केवल बाउंड्री मारने पर ध्यान केंद्रित किया, उसने उन्हें रातों-रात फैंस का पसंदीदा बना दिया है। लखनऊ की टीम अब उम्मीद करेगी कि मुकुल इसी तरह का फिनिशिंग टच आने वाले मैचों में भी जारी रखें।