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LSG को रौंदकर पंजाब किंग्स ने रचा इतिहास, शुरुआती छह मैचों में अजेय रहते हुए IPL में ये कारनामा करने वाली बनी पहली टीम...

LSG को रौंदकर पंजाब किंग्स ने रचा इतिहास, शुरुआती छह मैचों में अजेय रहते हुए IPL में ये कारनामा करने वाली बनी पहली टीम...

एजेंसी खेल न्यूज। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) का आईपीएल 2026 में विजय अभियान जारी है। पीबीकेएस ने रविवार को मुल्लांपुर के स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को 54 रनों से धूल चटाई। पंजाब ने 255 रनों का टारगेट देने के बाद लखनऊ को 200/7 के स्कोर पर रोका। पंजाब ने 19वें सीजन में छह मैचों में पांचवीं जीत हासिल की है। उसका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। 

एलएसजी को रौंदकर पीबीकेएस ने इतिहास रच डाला है। पंजाब आईपीएल में सीजन के शुरुआती छह मैचों में अजेय रहने वाली पहली टीम बन गई है। पंजाब अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज है। उसके खाते में 11 अंक हैं। पीबीकेएस मौजूदा सीजन में अभी तक एकमात्र टीम है, जिसे हार का सामना नहीं करना पड़ा।

ओपनर प्रियांश आर्य ने मचाया धमाल

पंजाब ने प्रियांश आर्य (93 रन) और कूपर कोनोली (87 रन) की तूफानी पारियों की बदौलत सात विकेट पर 254 रन जुटाए। यह मौजूदा सीजन में किसी भी टीम द्वारा बना गया सबसे बड़ा स्कोर है। प्रियांश और कोनोली के बीच दूसरे विकेट के लिए 182 रन की दमदार पार्टनरशिप हुई। यह आईपीएल में पंजाब के लिए तीसरी 150 प्लस पार्टनरशिप है। 

प्रियांश ने 37 गेंदों की अपनी पारी के दौरान नौ छक्के और चार चौके लगाए जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोनोली की 46 गेंद की पारी में आठ चौके और सात छक्के जड़े। मजबूत कद-काठी वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज प्रियांश काफी कम फुटवर्क के बस एक जगह खड़े होकर पूरी ताकत और बल्ले की पूरी गति से शॉट लगाते रहे जिससे गेंदें तेजी से बाउंड्री के पार जाती रहीं।

कूपर कोनोली का अलग अंदाज

प्रियांश ने फुल लेंथ गेंदों को सीधे या एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारा। छोटी और वाइड गेंदों को उन्होंने कट या रैंप शॉट से खेला जबकि कंधे की ऊंचाई पर आई बाउंसर गेंदों को उन्होंने बिना चेहरे पर कोई भाव लाए, पुल या हुक शॉट से बाउंड्री के पार भेज दिया। वहीं, कोनोली का अंदाज बिल्कुल अलग था। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उनके ऊंचे छक्के और फ्रंट फुट पर आकर डीप मिडविकेट स्टैंड में लगाए गए पुल शॉट देखकर उनकी फ्रेंचाइजी के कोच रिकी पोंटिंग को भी उन पर गर्व हुआ होगा। 

दोनों की बल्लेबाजी शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी। प्रियांश ने अपना अर्धशतक सिर्फ 19 गेंदों में पूरा किया जबकि अगले 43 रन बनाने के लिए उन्होंने 18 गेंदें लीं। दूसरी ओर कोनोली ने थोड़ा समय लिया। उन्होंने 35 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए लेकिन अगले 37 रन सिर्फ 12 गेंदों में बना दिए। 24 वर्षीय प्रियांश प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।