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'पाकिस्‍तान के धोखे को हम भूलेंगे नहीं'अमेरिका- ईरान सीजफायर डील पर भड़का UAE, एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी.. और कहा कि...

'पाकिस्‍तान के धोखे को हम भूलेंगे नहीं'अमेरिका- ईरान सीजफायर डील पर भड़का UAE, एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी.. और कहा कि...

दुबई। इजरायल के बाद सबसे ज्‍यादा ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले झेलने वाला संयुक्‍त अरब अमीरात अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर डील पर खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है लेकिन होर्मुज स्‍ट्रेट अभी तक पूरा खुला नहीं है। यही नहीं ईरान अब ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारी भरकम टोल वसूलने जा रहा है। 

ईरानी हमले में यूएई को भारी नुकसान हुआ है और इस डील में यूएई के भरपाई पर कोई बात नहीं है। इससे यूएई के एक्‍सपर्ट अमजद ताहा ने इसके लिए पाकिस्‍तानी धोखे को जिम्‍मेदार बताया है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान ने ईरान के आतंकी शासन को जिंदा रखा। उनका यह बयान तब आया है जब यूएई ने पाकिस्‍तान से अपना 3.5 अरब डॉलर का लोन वापस मांग लिया है। इससे पाकिस्‍तानी बौखलाए हुए हैं।

मध्‍य पूर्व मामलों के एक्‍सपर्ट अमजद ताहा ने एक्‍स पर लिखा, 'पाकिस्‍तान ने ईरान के इस्‍लामिक आतंकी शासन को जिंदा रखा। इस दो सप्‍ताह के संघर्षविराम को पाकिस्‍तान की ओर से लाया गया न कि तेहरान की ओर से। पाकिस्‍तान ने ईरानी शासन से यह भी नहीं मांग की कि यूएई, जॉर्डन और अन्‍य खाड़ी देशों के खिलाफ जारी हमले को रोके। हम इस पिछड़ी सोच और धोखे को भूलेंगे नहीं। गंदे आतंकियों पर भरोसा करना, यह दुनिया की सबसे बड़ी गलती है। ट्रंप को इस पर पछतावा होगा। आतंकियों पर भरोसा मत करो और न ही उनसे बातचीत करो।'

पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज शरीफ को जमकर सुनाया

यूएई के ही एक अन्‍य सोशल मीडिया इंन्‍फ्ल्‍यूएंसर सैफ अल्‍देराई ने पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज शरीफ को टैग करके लिखा, 'पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ आप ईरान से अच्‍छे भरोसे के लिए कह सकते हैं और होर्मुज स्‍ट्रेट को दो सप्‍ताह के लिए खोलने को कह सकते हैं। इस दौरान यूएई और अन्‍य खाड़ी देशों पर सीधे हमले को अनदेखा कर रहे हैं। असली शांति ईरानी आक्रामकता को पहले रोकने से आएगी न कि उसे अनदेखा करने से।'

इससे पहले यूएई के राष्‍ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गारगाश ने कहा था कि खाड़ी क्षेत्र में स्‍थायी क्षेत्रीय सुरक्षा हल अमेरिका के साथ केवल सीजफायर से नहीं आएगा। उन्‍होंने कहा कि ईरान के वर्तमान शासन पर खाड़ी देशों कोई भरोसा नहीं है। उन्‍होंने मांग की थी कि इस इलाके में इजरायली प्रभाव को और ज्‍यादा बढ़ाया जाए। इसमें हथियार प्रणाली और क्षेत्रीय व्‍यवहार शामिल है। साथ ही होर्मुज के लिए एक स्‍थायी सुरक्षा तंत्र बनाया जाए ताकि उसमें से आसानी से जहाज गुजर सकें।

शहबाज शरीफ ने ईरान सीजफायर पर क्‍या कहा?

अनवर ने कहा कि यूएई मेरीटाइम फोर्स के रूप में काम करने के लिए तैयार नहीं है। यूएई होर्मुज स्‍ट्रेट में अमेरिका के नेतृत्‍व वाले अंतरराष्‍ट्रीय प्रयास में शामिल होगा। उन्‍होंने कहा कि इस संकट के खत्‍म होने के बाद यूएई एक बार फिर से बहुत मजबूत होकर उभरेगा। बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ है। दोनों देश आपसी सहमति के बाद आधिकारिक रूप से सीजफायर की घोषणा कर चुके हैं। इसमें पाकिस्तान बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और अन्य स्थानों सहित हर जगह तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। यह युद्धविराम 'तत्काल प्रभाव से' लागू होगा।'

ईरान के व‍िदेश मंत्री का भी आया बयान

पाकिस्तान के पीएम शहबाज ने पोस्ट में 'एक्स' पोस्ट में यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने असाधारण बुद्धिमत्ता और समझ का परिचय दिया है, और शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रचनात्मक रूप से जुड़े रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी और हम आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें शेयर करने की आशा करते हैं।

इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अपने एक बयान में युद्धविराम के बीच 10 सूत्रीय प्रस्ताव का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो उनकी आर्म्ड फोर्सेज अपने डिफेंसिव ऑपरेशन बंद कर देंगी। अराघची ने यह भी कहा कि दो हफ्ते के समय के लिए ईरान की आर्म्ड फोर्सेज के साथ कोऑर्डिनेशन और टेक्निकल कमियों पर ध्यान देने के साथ होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता बनाया जा सकेगा।