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साथी की मां का डा. ने काटा हाथ तो 15 गाड़ियों से पहुंचे ITBP जवान, हथियारों से लैस पलटन ने कानपुर कमिश्नरेट ऑफिस को घेरा...

साथी की मां का डा. ने काटा हाथ तो 15 गाड़ियों से पहुंचे ITBP जवान, हथियारों से लैस पलटन ने कानपुर कमिश्नरेट ऑफिस को घेरा...

यूपी के कानपुर में 15 गाड़ियों और ट्रक में भरकर आईटीबीपी के जवान कमिश्नरेट पहुंच गए। हथियारों से लैस जवानों ने कमिश्नरेट ऑफिस को घेर लिया। अचानक गाड़ियों से उतरी जवानों की पलटन को देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। दरअसल आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी का एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी मां का डॉक्टरों ने हाथ काट दिया। आईटीबीपी जवान बेटा इंसाफ के लिए इधर-उधर भटकता रहा। सीएमओ से जब इसकी शिकायत की गई तो वह भी डॉक्टरों को बचाने में जुट गए।जवान ने सीएमओ पर स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने का आरोप लगाया।

जवान ने पूरी बात अपने अफसर को बताई। साथी की बात सुनते ही जवानों का गुस्सा भड़क गया। तुरंत आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद आईटीबीपी के करीब 100 जवानों के साथ शनिवार सुबह 11:15 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ विपिन कुमार ताडा से मुलाकात की। जवान की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को बुलाया और उन्हें गोलमोल रिपोर्ट देने के लिए फटकारा। कहा स्पष्ट रिपोर्ट क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा, राज्य कमेटी को मामला भेजा गया तो आपकी जांच टीम की कलई खुल जाएगी। जिसके बाद जेसीपी विपिन ताडा ने कमांडेंट, सीएमओ और पीड़ित के साथ बातचीत की।

क्या है पूरा मामला

महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी कांस्टेबल विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को सांस लेने में परेशान होने पर टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही की वजह से उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 17 मई को उनका हाथ काट दिया। डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर विकास संबंध अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। 20 मई को वह अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, लेकिन उचित कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था।

छावनी में तब्दील हो गया पुलिस कमिश्नरेट

साथी को इंसाफ दिलाने के लिए आईटीबीपी जवान 15 से अधिक गाड़ियों और ट्रक के साथ कमिश्नर पहुंचे। देखते ही देखते हथियार बंद जवानों ने कमिश्नरेट को घेर लिया। हथियारों से लैस जवानों को देखकर सभी हैरान रह गए। देखते ही देखते पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। इसकी जानकारी जब पुलिस आयुक्त को लगी तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद को शस्त्रधारी जवानों के साथ आने पर फटकार लगाई।