कौन है वो अभागा उम्मीदवार जो मात्र 1 वोट से हार गया विधानसभा चुनाव, जानिए डिटेल...
Election Lossed By Only One Vote: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक रोमांचक और बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला है. डीएमके के वरिष्ठ नेता और सहकारिता मंत्री केआर पीरियाकरुप्पन मात्र एक वोट के अंतर से अपनी सीट हार गए.उनके प्रतिद्वंद्वी टीवीके के उम्मीदवार सीनिवास सेथुपति ने 83375 वोट हासिल किए. पीरियाकरुप्पन को 83374 वोट मिले. अंतिम राउंड तक पीरियाकरुप्पन 30 वोटों से आगे चल रहे थे. लेकिन अंतिम राउंड में एक वोट ने पूरा समीकरण बदल दिया।
इस सीट पर आर. पलकुरिची पंचायत के दो हजार से अधिक मतदाताओं ने प्रशासनिक सीमा विवाद के समाधान न होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया था. इस बहिष्कार का सीधा असर चुनावी नतीजे पर पड़ा. पीरियाकरुप्पन डीएमके के बड़े नेता माने जाते हैं. वह 2006 से लगातार चार बार तिरुप्पत्तूर से विधायक चुने गए थे. वह 2021 में सत्ता में आने के बाद उन्हें ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया. दिसंबर 2022 में उन्हें सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई. इससे पहले वे मानव संसाधन एवं मंदिर प्रशासन मंत्री भी रह चुके हैं. सिवागंगा जिले में पार्टी के जिला सचिव के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीरियाकरुप्पन का राजनीतिक सफर
पीरियाकरुप्पन ने डीएमके छात्र इकाई से राजनीतिक सफर शुरू किया था. उन्होंने वाणिज्य और कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की है. इस हार से डीएमके शिविर में निराशा छा गई. पार्टी के कई नेता इसे स्थानीय मुद्दों और विपक्षी दलों की एकजुट रणनीति का नतीजा मान रहे हैं. वहीं टीवीके समर्थक इस जीत को बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत बता रहे हैं. चुनाव आयोग के अनुसार गिनती पूरी तरह से पारदर्शी रही. अंतिम वोट के अंतर ने पूरे तमिलनाडु का ध्यान इस सीट की ओर खींच लिया।
पीरियाकरुप्पन ने अभी तक किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया में हार स्वीकार की है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. पर उनके करीबी सहयोगी बताते हैं कि वे पार्टी की रणनीति पर गंभीरता से विचार करेंगे. यह चुनावी नतीजा साबित करता है कि लोकतंत्र में हर वोट कीमती होती है. एक वोट ने न सिर्फ एक मंत्री की सीट छीनी बल्कि पूरे चुनावी परिदृश्य को नया मोड़ दे दिया।