25 की उम्र, कोई नौकरी नहीं, फिर भी हर महीने कर रही तगड़ी कमाई, उठा रही खुद और परिवार का खर्च...
Lucknow Girl Sweety Wallya Success Story: आज के समय में ज्यादातर युवा चाहते हैं कि 25 साल की उम्र तक उनके पास अच्छी नौकरी, बड़ा पद और शानदार करियर हो. लेकिन लखनऊ की रहने वाली स्वीटी वालिया ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुनने का फैसला लिया.उन्होंने बिना किसी स्थायी नौकरी के खुद को और अपने परिवार को संभालने का फैसला किया।
दरअसल, स्वीटी का एक इंस्टाग्राम रील काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने लिखा था, "No job. Still supporting myself and my family." यानी नौकरी नहीं है, फिर भी मैं खुद और अपने परिवार का खर्च चला रही हूं. बता दें इस एक लाइन के पीछे कई सालों की मेहनत, संघर्ष और सीख छिपी हुई है।
22-23 की उम्र में थीं पूरी तरह कंप्यूज
स्वीटी बताती हैं कि 22-23 साल की उम्र में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि जिंदगी में क्या करना है. उनके पास कोई स्थायी नौकरी नहीं थी और लोग बार-बार पूछते थे, "अब क्या कर रही हो?" इन सवालों से उन्हें बुरा लगता था. लेकिन दूसरों से तुलना करने की बजाय उन्होंने खुद पर काम करने का फैसला किया. उन्होंने सोचा कि कोई ऐसी स्किल सीखी जाए जिससे आगे चलकर कमाई हो सके।
डिग्री नहीं, स्किल्स पर किया फोकस
स्वीटी अपने परिवार में सबसे छोटी हैं. परिवार में माता-पिता, भाई और बहन हैं. उनके पिता का खुद का बिजनेस है, लेकिन स्वीटी हमेशा आर्थिक रूप से खुद पर निर्भर रहना चाहती थीं. इसी सोच के साथ उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, कॉपीराइटिंग, सेल्स और कम्युनिकेशन जैसी स्किल्स सीखना शुरू किया. उनका मानना था कि ये स्किल्स भविष्य में कमाई का जरिया बन सकती हैं।
मोटिवेशन का इंतजार छोड़ दिया
स्वीटी कहती हैं कि उन्होंने मोटिवेशन का इंतजार करना बंद कर दिया था. चाहे मन हो या न हो, वह रोज थोड़ा-थोड़ा सीखती थीं. उनका मानना है कि रोज सिर्फ एक घंटा भी लगातार सीखने में लगाया जाए तो धीरे-धीरे बड़ा बदलाव आता है. वह कहती हैं, "Consistency beats talent" यानी लगातार मेहनत करना टैलेंट से ज्यादा जरूरी है।
फ्रीलांसिंग से शुरू हुई कमाई
स्किल्स सीखने के बाद स्वीटी ने छोटे-छोटे फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स लेना शुरू किया. उन्होंने छोटे बिजनेस के साथ काम किया और धीरे-धीरे अनुभव और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते गए. इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना भी शुरू किया. शुरुआत में उन्हें ज्यादा सपोर्ट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा. करीब ढाई साल की मेहनत के बाद आज स्वीटी डिजिटल मार्केटिंग और फ्रीलांसिंग से अच्छी कमाई कर रही हैं।
इंस्टाग्राम अकाउंट भी हुआ बंद
हालांकि, स्वीटी की यात्रा आसान नहीं रही. उनका करीब 25 हजार फॉलोअर्स वाला इंस्टाग्राम अकाउंट फेक रिपोर्ट्स की वजह से बंद हो गया था. इसके अलावा इंस्टाग्राम के एल्गोरिद्म में बदलाव आने से उनकी ग्रोथ भी प्रभावित हुई. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनका कहना है कि मेहनत का फल जरूर मिलता है।
सफलता के साथ बदले रिश्ते
स्वीटी बताती हैं कि जैसे-जैसे वह आगे बढ़ने लगीं, कुछ लोगों ने उनसे दूरी बना ली. कई दोस्त भी साथ छोड़ गए. लेकिन अब वह लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देतीं. उनका कहना है, "मुझे करना है तो करना है." वह खुद पर भरोसा रखने और दूसरों से तुलना न करने में विश्वास करती हैं।
युवाओं को दिया खास संदेश
स्वीटी का मानना है कि अगर कोई युवा जिंदगी में फंसा हुआ महसूस कर रहा है, तो उसे बस शुरुआत करनी चाहिए. उनका कहना है:
"खुद से स्टार्ट करो".
"घर से ही करो, पर कुछ करो."
"ट्राई करो, स्टार्ट करो, सब होगा."
स्वीटी वालिया की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने करियर को लेकर परेशान रहते हैं. उनकी कहानी बताती है कि जरूरी नहीं कि सफलता सिर्फ बड़ी नौकरी या डिग्री से मिले. अगर इंसान लगातार सीखता रहे और मेहनत करता रहे, तो वह अपनी राह खुद बना सकता है।