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राजस्थान का वो रहस्यमयी गांव...यहां लोग क्यों नहीं बनाते हैं पक्का मकान? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ का मिला सम्मान

राजस्थान का वो रहस्यमयी गांव...यहां लोग क्यों नहीं बनाते हैं पक्का मकान? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ का मिला सम्मान

Unique Village of Rajasthan: आज के दौर में हर व्यक्ति अपने लिए आलीशान घर की चाहता रखता है. कम से कम पक्के घर में तो रहना पसंद करता ही है। लेकिन क्या आपको पता है कि राजस्थान के ब्यावर जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां करोड़पति परिवार के लोग भी मिट्टी के घरों में रहते हैं। इससे भी बड़ी खास बात यह है कि 21वीं सदी में भी गांव में कोई भी पक्की इमारत नहीं है, सिवाय भगवान देवनारायण के मंदिर के. गांव के लोगों की देवनारायण भगवान में गहरी आस्था है।

ब्यावर जिले में स्थित देवमाली गांव जयपुर से 186 किलोमीटर, जबकि अजमेर से 61 किलोमीटर की दूरी पर है. यह गांव अपने आप में काफी खास है, यहां एक भी पक्का मकान नहीं है. सभी लोग मिट्टी के घरों में रहते हैं. ऐसे नहीं है कि यहां पक्के मकान नहीं बन सकते, या फिर गांव वालों की माली हालत ठीक नहीं है. गांव की लोगों की आर्थिक हालत काफी अच्छी है. कई लोग तो करोड़पति भी हैं. इसके बावजूद वह कच्चे मकान में रहते हैं।

                     देवनारायण मंदिर

जानें क्या है मान्यता

गांव वालों के अनुसार, मिट्टी की दीवारों और छप्पर के घरों की रहने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. वह इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं. आधुनिक दौर में भी इस तरह के मकानों में रहना गांव को काफी खास बनाता है. गांव वालों की गहरी आस्था भगवान देवनारायण से जुड़ी हुई है. मान्यता है कि हजारों साल पहले गांव वालों ने भगवान देवनारायण को वचन दिया था कि अगर भगवान यहां (देवमाली गांव) विराजमान रहेंगे तो कोई भी पक्का मकान नहीं बनाएगा।

शराब और नॉनवेज नहीं करते थे सेवन

आज तक पूरा गांव इस वचन को निभा रहा है. बताया जाता है कि एक बार गांव के एक परिवार ने पक्का मकान बनाने की कोशिश की थी, धीरे-धीरे उनका पूरा परिवार खत्म हो गया. परिवार ही नहीं पूरा वंश ही उजड़ गया. गांव के कुछ नियम भी है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी गांव वालों निभाते आ रहे हैं. गांव में न तो कोई शराब पीता है और न ही कोई नॉनवेज खाता है. अगर कोई ऐसा करता है, तो भगवान देवनारायण उसे सजा देते हैं।

ऐसा करने वाले व्यक्ति के घर में परेशानियां आना शुरू हो जाती हैं. कहते हैं कि भगवान देवनारायण जब इस गांव में आए थे, तो यहां के पत्थर भी उन्हें प्रणाम करने के लिए झुक गए थे. आज भी गांव के आसपास के बड़े-बड़े झुके हुए हैं. साल 2024 में एक गांव को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से ‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ का सम्मान मिल चुका है।