पांच के नोट पर लाखों का खेल, रोडवेज बसों से हवाला कारोबार, नकली दवाओं से किडनी खराब होने का है खतरा...
आगरा। नकली दर्द निवारक दवा का अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का काम करने का तरीका चौंकाने वाला है। वाट्स एप काॅल पर बात करते थे, रुड़की की फैक्ट्री में नकली दवा बनाई जाती थी, उसे आगरा रोडवेज बस के चालक के माध्यम से सप्लाई किया जाता था। इन दवाओं का भुगतान पांच के नोट के नंबर और जिस व्यक्ति को भुगतान करना है, उसका नाम और मोबाइल नंबर वाट्स एप पर भेजकर आगरा अलीगढ़ मार्ग पर हवाला से लाखों का भुगतान किया जाता था। पीठ दर्द, घुटना दर्द, मासिक धर्म में आक्साल्जिन-डीपी का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।
नकली दवा होने से गुर्दा खराब होने का खतरा है। औषधि विभाग की टीम को जांच में श्री मेडिकल एजेंसी के संचालक सुरेंद्र गुप्ता के बेटे अंशुल गुप्ता के मोबाइल में मयूर गुप्ता की वाट्स एप चैट मिली। जिसमें अंशुल गुप्ता द्वारा भेजी गई नकली दवा पकड़े जाने की खबर की कटिंग के साथ ही पांच के नोट के नंबर के साथ राहुल का मोबाइल नंबर मिला।
पूछताछ में बताया कि रुड़की से नकली दवा बस से आती थी और इन दवाओं का भुगतान राहुल को हवाला से किया जाता था। आक्साल्जिन-डीपी की एमआरपी 150 रुपये है। इसे 40 से 50 रुपये में सप्लाई किया जाता था। श्री मेडिकल एजेंसी से आगरा के साथ ही आस पास के जिलों में भी दवा की बिक्री की गई, इसकी भी जांच की जाएगी।
टीम को एक वर्ष का रिकार्ड मिला है, जबकि दो वर्ष से नकली दवाएं खपाई जा रहीं थी। करोड़ों की नकली दवाएं मरीज खा चुके हैं।
एसएन मेडिकल कालेज के नेफ्रोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा. अपूर्व जैन ने बताया कि नकली दर्द निवारक दवा में स्टेरायड सहित अन्य दवाएं मिलाने से गुर्दा खराब होने का खतरा हो सकता है। दर्द के लिए खुद ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाने वालों के लिए ये दवाएं नकली हैं तो घातक हो सकता है।
मोबाइल में एस और अन्नू के नाम से नंबर दर्ज
अलीगढ़ के मयूर गुप्ता ने औषधि विभाग की टीम को गुमराह किया, उसने बताया कि श्री जी मेडिकल एजेंसी के संचालक सुरेंद्र गुप्ता को पहले से जानता है। उसे अपनी दो कार बेची थी, इसका उसने 11 लाख भुगतान किया था। उसे 70 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे, इसके पैसे कैश में दिए गए। रुड़की की दवा फैक्ट्री के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस था लेकिन नगर निगम ने दो वर्ष पहले दुकान सील कर दी थी, इसलिए काम नहीं कर रहा था। जबकि मयूर गुप्ता के नाम से जय अम्बे मेडिकल एजेंसी फफाला स्ट्रीट अलीगढ़ में थोक का लाइसेंस है।
जब मयूर गुप्ता का मोबाइल चेक किया गया तो उसमें श्री मेडिकल एजेंसी के संचालक सुरेंद्र गुप्ता का नाम एस और रुड़की की दवा फैक्टी के संचालक अन्नू अरोड़ा का नाम अन्नू से दर्ज मिला।
45 डिग्री पर इंसुलिन, एंटी रैबीज वैक्सीन मिली
औषधि विभाग की टीम ने शुक्रवार और शनिवार को झूलेलाल मार्केट की तीसरी और पहली मंजिल पर छापा मारा। टीम ने दो गोदाम के ताले तोड़कर फिजीशियन सैंपल नाट फार सेल, हास्पिटल सप्लाई की दुकानें जब्त की थीं। इसमें एंटीबायोटिक टैबलेट इंजेक्शन, मधुमेह, हृदय रोग, कफ सिरप की दवाएं जब्त की हैं।गोदाम किराए पर लिए गए थे, एक गोदाम अमिता विहार, कमला नगर के रहने वाले ज्योति ड्रग हाउस के संचालक नारायण दास हंसरानी और उनके कर्मचारी रेणुका बाग कमला नगर के रहने वाले पुनीत के नाम पर किराए पर लिया गया था।
दूसरा गोदाम नारायण दास हंसरानी ने अपने नाम से लिया था और अपने कर्मचारी किशोर के माध्यम से सैंपल की दवाएं दिल्ली सहित अन्य राज्यों से लेकर आता था। पूछताछ में सामने आया कि सैंपल की दवाएं झोलाछाप को बिक्री की जाती थी।
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि गोदाम में 45 डिग्री तापमान में इंसुलिन, एंटी रैबीज वैक्सीन सहित अन्य इंजेक्शन मिले, ये सैंपल के साथ ही हास्पिटल सप्लाई के हैं, जिन्हें ईएसआइ, केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी अस्पताल, डिफेंस के अस्पतालों में मरीजों को निश्शुल्क देने के लिए सप्लाई किया जाता है।
10 तरह की दवाओं के नमूने लेने के साथ ही डेढ़ करोड़ की दवाओं को 67 प्लास्टिक बोरो में जब्त किया है। सैंपल की दवाएं नकली हो सकती हैं जांच के लिए नमूने लिए हैं।
इन फार्मा कंपनियों के सैंपल की दवाएं की जब्त
मैकलियोड, डा. रेड्डी, एफ़ डी सी, ल्यूपिन, ग्लेनमार्क, एग्लोमेड, ज़ायडस, थियोन, इंड्सविट, अलकेम, रेप्टाइल्स, मेयर आर्गेनिक, ओजोन फार्मास्युटिकल्स, ट्राका सहित 20 फार्मा कंपनी।
ये सैंपल की प्रमुख दवाएं की जब्त
डाइनपार, मरोमक, टिमीनिक सिरप, पेंटाॅप डीएसआर, मिनाक्सिडिल, न्यूफ़र्स पिगमेंट, ल्यूनिवैक्स, मेगा हील, एलिग्रा, एस्कोरिल सिरप, बिटाडीन, कास्कोपिन, कैंडिड, माइकोडर्म डस्टिंग पाउडर, विटकोफाॅल।।