कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में शुभम और उसके पिता समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आज रोहनिया थाने में गैंगस्टर एक्ट में केस हुआ दर्ज...
वाराणसी, ब्यूरो। कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में शुभम जायसवाल, उसके पिता समेत नौ आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को रोहनिया थाने में गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया है। तस्करी के इस मामले में पहली बार गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ है।
रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। इसमें आदमपुर के कायस्थ टोला निवासी भोला प्रसाद, उसका पुत्र शुभम जायसवाल, पिशाच मोचन निवासी आजाद जायसवाल, भदवर निवासी महेश कुमार सिंह, सप्तसागर मंडी निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी निवासी आशीष यादव, चंदौली के चंदासी के कृष्णा नगर निवासी स्वप्निल केशरी, कानपुर के बेदीपुर (बिल्हौर) निवासी शिवाकांत (आरोपी गाजियाबाद के इंदिरापुरम में किराये पर रहता था), गाजियाबाद के मकनपुर सनी चौक (इंदिरापुरम) निवासी सौरभ त्यागी आरोपी बनाए गए हैं।
मुख्य सरगना भोला प्रसाद को बनाया
पुलिस ने गैंगस्टर में मुख्य सरगना भोला प्रसाद को बनाया है। आरोप है कि उसने अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी एवं भंडारण कराई। अवैध काम से अरबों की कमाई की।
दो करोड़ की पकड़ी गई थी सिरप
भदवर में 19 नवंबर को महेश सिंह के मकान में दो करोड़ रुपये की कफ सिरप पकड़ी गई थी। तब मौके से केयर टेकर के तौर पर आजाद की गिरफ्तारी हुई थी। उससे पूछताछ में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला एवं अन्य आरोपियों का नाम सामने आया। सभी नौ आरोपियों को नामजद किया गया। शुभम के अलावा अन्य इस समय जेल में हैं। रोहनिया पुलिस ने सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत पुन: जब्त होंगी सभी की संपत्तियां
इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज करने के बाद अब सभी आरोपियों की संपत्तियां 14-ए के तहत जब्त की जाएगी। इसकी कार्रवाई जल्दी ही शुरू की जाएगी।