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आज शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने वाराणसी में स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुनर्विकास शिलान्यास कार्यक्रम में कहा, धर्म का प्रचार करना भी जरूरी

आज शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने वाराणसी में स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुनर्विकास शिलान्यास कार्यक्रम में कहा, धर्म का प्रचार करना भी जरूरी

वाराणसी, ब्यूरो 1 मई। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वतीजी महाराज ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी हिन्दू धर्म के कार्य को विकास से जोड़ कर नहीं देख रही है। जो विदेश में हमारे देश के युवा है, वो भी इसे प्रगति से नहीं देखते। इसके लिए धर्म का प्रचार करना भी आजकल आवश्यकता में है।

शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती शुक्रवार काे यहां अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुनर्विकास शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे। शंकराचार्य विजयेंद्र ने इस जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती ने कहा कि हिंदू धर्म में प्रचार का लक्ष्य तो अंत में है। 

सबसे पहले हिन्दू धर्म का अध्ययन आता है, सभी को धर्म का अध्ययन करना चाहिए। दूसरे स्थान पर बोध आता है, धर्म का बोध होना चाहिए। तीसरा है आचरण, हिन्दू धर्म आपके आचरण में दिखना चाहिए। आखिर में मधुर शब्द का प्रचार होना चाहिए। आजकल विदेश का जो प्रभाव है वो उल्टा हो गया है। 

प्रचार से कार्यक्रम का शुरुआत होता है। विदेश के स्क्रीन का उपयोग करना, लेकिन हमारे विचारों में स्क्रीन नहीं होना चाहिए। इसलिए काशी में जो आज सभी ने जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है, उसमें सभी लोग अवश्य शामिल हो।

इस अवसर पर जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह, सचिव शैलेष त्रिपाठी, श्रीकांची कामकोटि मठ के प्रबंधक बीएस सुब्रह्मण्यम मणि सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।