आज सुबह जेल से छूटे हिस्ट्रीशीटर की लखनऊ में हत्या, दो दिन बाद प्लॉट में बरामद हुआ शव...
क्राइम न्यूज लखनऊ। शहीद पथ के किनारे स्थित अवध विहार योजना में हिस्ट्रीशीटर 30 वर्षीय सचिन यादव की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए स्कूल के पीछे खाली प्लाट पर फेक दिया गया। मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने दुर्गंध आने पर देखा तो पुलिस को सूचना दी।
सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज रिषभ यादव ने बताया कि सचिन हत्या के प्रयास के मामले में बंद था। दो हफ्ते पहले जेल से छूटा था। दो दिन पहले दोस्तों के साथ पार्टी करने के बाद से गायब था। सचिन के भाई की हत्या पड़ोसियों ने छह महीने पहले कर दी थी।
अवध विहार योजना सेक्टर आठ में एक निजी स्कूल के पीछे मंगलवार दोपहर युवक का शव पड़ा होने की सूचना पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस पहुंची लोगों की मदद से शव की पहचान की कोशिश की। पता चला कि शव विजयनगर नीलमथा रेउतापुर के रहने वाले सचिन यादव का है।
इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी राजीव रंजन उपाध्याय, फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने साक्ष्य संकलन किए। सचिन के दाहिनी ओर कनपटी के पास सिर पर चोट का निशान मिला। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि सचिन के खिलाफ पीजीआई समेत कई थानों में मारपीट, जानलेवा हमला, एससीएसटी एक्ट समेत छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वह पीजीआई थाने से हिस्ट्रीशीटर था। गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई हुई थी। कुछ दिन पहले जेल गया था। दो हफ्ते पहले ही जेल से छूटा था। सचिन के घरवालों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। घटनास्थल को जाने वाले मार्ग पर लगे सीसी कैमरों की पड़ताल की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हत्या कहीं और की फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए फेंका गया
परिस्थितिजन्य साक्ष्य बता रहे हैं कि बदमाशों ने सचिन की हत्या किसी अन्य स्थान पर की। इसके बाद रात अथवा तड़के बदमाशों ने शव स्कूल के पीछे मुफीद स्थान पर फेंका गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके से किसी संघर्ष के साक्ष्य आदि नहीं मिले हैं। मौके से सचिन का कोई मोबाइल फोन आदि भी नहीं मिला है।
पड़ोसी से था विवाद, छह महीने पहले भाई की भी हुई थी हत्या
इंस्पेक्टर ने बताया कि सचिन का पड़ोसी विजय यादव और उसके परिवारीजनों से विवाद चल रहा था। छह माह पूर्व दिवाली के आस पास सचिन के छोटे भाई सोनू यादव की भी गोली मार कर हत्या की गई थी। मामले सचिन की ओर से विजय के परिवारीजनों और उसके नाबालिग भतीजे पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। विजय की ओर से सचिन और उसके पिता समेत अन्य पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी मामले में डेढ़ हफ्ते पहले सचिन जेल से जमानत पर छूटा था। सचिन के पिता अभी जेल में ही हैं।