वाराणसी साइबर थाना की पुलिस ने मैट्रिमोनियल साइट पर महिलाओं से दोस्ती कर, फर्जी कस्टम ऑफिसर बन ठगी करने वाले दो गिरफ्तार...
वाराणसी, ब्यूरो। साइबर थाना की पुलिस टीम ने मैट्रिमोनियल साइट पर महिलाओं से दोस्ती के बाद कस्टम ऑफिसर बनकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के दो आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।डीसीपी क्राइम नीतू कादयान और एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में गिरफ्तारी की जानकारी दी। बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बेलीसराय (थाना नगर) निवासी विजय कुमार, चांदमारी (थाना नगर) निवासी रोहित रंजन को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को बिहार के मोतिहारी से पकड़ा गया है। आरोपी मोतिहारी में किराये पर रहकर साइबर ठगी करते थे。
गिरोह का तरीका
डीसीपी ने बताया कि ये सबसे पहले विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसमें खुद का विदेश में नौकरी करना या फिर व्यवसायी दर्शाते थे। फिर महिलाओं को झांसे में लेकर दोस्ती करते थे। शादी का प्रस्ताव देते थे। फिर कहते थे कि वे विदेश से गिफ्ट के रूप में महंगी घडी, मोबाइल फोन या ज्वैलरी आदि पार्सल कर रहे हैं। कुछ दिन बाद खुद ही फर्जी कस्टम ऑफिसर, फर्जी जीएसटी अधिकारी, फर्जी ड्रग ऑफिसर बनकर गिफ्ट को अवैध बताते हुए गिरफ्तारी के लिए महिलाओं को डराने-धमकाने लगाते थे। इस दौरान वे मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल का नंबर बंद कर देते थे। इधर डरी-सहमी महिलाएं गिरफ्तारी या कार्रवाई से बचने के लिए कस्टम ड्यूटी समेत अन्य मदों में बड़ी राशि भेज देती थीं।
गिरफ्तार आरोपी, एक आठवीं पास, दूसरा कर रहा बीटेक
गिरफ्तार आरोपियों में विजय कुमार 8वीं पास है, जबकि रोहित रंजन बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी ठगी के पैसे म्यूल अकाउंट में मंगाकर बांट लेते थे। अन्य सिंडीकेट के साथ मिलकर पैसे को बांटते थे। दूसरे सिंडीकेट के लोग म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार करीब 500 फर्जी म्यूल बैंक खातों में आरोपी ठगी के पैसे मंगा चुके हैं। इनके पास से तीन मोबाइल फोन, 10200 नगद रुपये बरामद किये गए। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, उप निरीक्षक संजीव कन्नौजिया, शैलेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल गौतम कुमार, कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव, पृथ्वीराज सिंह, अनिल यादव, मुख्य आरक्षी चालक विजय कुमार थे।
महिला से ठगी की घटना, बीते मार्च में महमूरगंज की महिला ने दर्ज कराया था केस
महमूरगंज के सूर्यबाग कॉलोनी की महिला से आरोपियों ने ठगी की थी। आरोपियों में से विजय कुमार ने संपर्क कर खुद को यूनाइटेड किंगडम में व्यवसायी बताया। कुछ दिनों की बातचीत के बाद दोस्ती हो गई और नियमित रूप से बात करने लगा। बातचीत के दौरान बताया कि यूनाइटेड किंगडम से एक कूरियर पार्सल भेजा है। कुछ समय बाद सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्तियों के फोन आए, जिन्होंने बताया कि मेरे पास भेजा गया कूरियर कुछ संदिग्ध वस्तुओं के कारण रोक लिया गया है। पार्सल को छुड़ाने के लिए कुछ शुल्क देना होगा। बाद में उसी व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वह भारत आ रहा है। फिर बाद में बताया कि भारत पहुंचने पर उसे आव्रजन विभाग ने हिरासत में ले लिया है। झूठी कहानियों गढ़कर आरोपियों ने महिला से 10 लाख 81 हजार 752 रुपये ऐंठ लिये थे।