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सपा सांसद को पीएम मोदी पर...अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी, अजेंद्र लोधी के खिलाफ FIR हुआ दर्ज, अब क्या जाएगी सांसदी?...

सपा सांसद को पीएम मोदी पर...अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी, अजेंद्र लोधी के खिलाफ FIR हुआ दर्ज, अब क्या जाएगी सांसदी?...

उत्तर प्रदेश के महोबा से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ महोबा के शहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई भाजपा नेताओं की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद हुई है।

इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गंभीर आघात बताया है। आइए जानतें हैं यह पूरा घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ...

कैसे शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, यह पूरा मामला सोमवार का है, जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता महोबा जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई जैसे 11 सूत्री मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन की अगुवाई हमीरपुर-महोबा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी और जिलाध्यक्ष शोभा लाल यादव कर रहे थे।

प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब सांसद से पीएम मोदी की हालिया अपील (ईंधन और सोने की खरीद कम करने) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपना आपा खो दिया और प्रधानमंत्री के खिलाफ बेहद अमर्यादित और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया।

सांसद पर दर्ज हुआ मुकदमा

वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सत्येंद्र प्रताप गुप्ता ने तहरीर दी, जिसके आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने सांसद अजेंद्र लोधी और उनके अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 189(2), 352 और 196(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और वीडियो साक्ष्यों को आधार बना रही है।

सीएम योगी का कड़ा प्रहार

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जैसे वैश्विक स्तर के लोकप्रिय नेता के प्रति ऐसी असंसदीय टिप्पणी अशोभनीय और अक्षम्य है। सीएम ने इसे सपा सांसद का राजनीतिक कुसंस्कार और वैचारिक दिवालियापन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी केवल पीएम का नहीं, बल्कि देश के 145 करोड़ नागरिकों के जनादेश का अपमान है और जनता इसका करारा जवाब देगी।

BJP ने अखिलेश यादव से की कार्रवाई की मांग

केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत कई दिग्गज नेताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से सांसद अजेंद्र लोधी को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सपा में गाली-गलौज करने वाले लोगों की भरमार है और अगर नेतृत्व कार्रवाई नहीं करता है, तो यह माना जाएगा कि सांसद के इस बयान में पार्टी की सहमति शामिल है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी इस आचरण की कड़ी निंदा की है।

क्या जाएगी सांसदी?

सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी पर जिस तरह की धाराएं लगी हैं, उनमें 'सांसदी जाना' पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया और सजा की अवधि पर निर्भर करता है। 'लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951' (RP Act) के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को किसी भी आपराधिक मामले में 2 साल या उससे अधिक की जेल की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाती है। 

अजेंद्र लोधी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (लोकसेवक पर हमला/काम में बाधा) और 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है। हालांकि, केवल FIR दर्ज होने से सांसदी नहीं जाती, इसके लिए अदालत द्वारा दोषसिद्धि (Conviction) और सजा का ऐलान होना जरूरी है।