प्रयागराज हत्याकांड का हुआ 12 घंटे में खुलासा बीयर पार्टी, पुलिस को पागल बनाने की साजिश व घंटों सबूत मिटाने की पूरी INSIDE STORY...
प्रयागराज : साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस वारदात के मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल लोहे का पाइप, करीब 1002 ग्राम सोने के जेवर, 360 ग्राम चांदी और एक हजार रुपये कैश बरामद हुआ है। बरामद किए गए इन जेवरों की बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य बाजार में समोसे की दुकान चलाते थे। उनका बेटा अभिषेक वैश्य भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज और हरकतों की वजह से पिता ने उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था, जिसे लेकर घर में आए दिन झगड़ा होता था।
31 मई की शाम अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर परिवार को रास्ते से हटाने और घर में रखे जेवर लूटने की साजिश रची। वारदात से पहले दोनों ने मिलकर शराब पी और कचौरी खाई थी। चलिए जानते हैं पुलिस ने इस केस का खुलासा कैसे किया और क्या-क्या बताया…
एक-एक कर उतारा मौत के घाट
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, 31 मई की शाम करीब 5 बजे जब वीरेंद्र की 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी दुकान खोलने के लिए नीचे आ रही थी, तभी सीढ़ियों पर दोनों ने उस पर हमला कर दिया. मीनाक्षी की हत्या करने के बाद वे शव को घसीटकर ऊपर ले गए. इसके बाद कमरे में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग वीरेंद्र वैश्य और उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता वैश्य के सिर पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया।
तीन हत्याओं को अंजाम देने के बाद दोनों ने घर की अलमारी से सारे जेवर और नकदी समेट ली. इसके बाद दोनों दुकान में बैठकर माल का बंटवारा करने लगे. इसी दौरान सनी गुप्ता के मन में लालच आ गया. पूछताछ में सनी ने कुबूल किया कि उसे डर था कि जो शख्स अपने सगे मां-बाप और बहन का नहीं हुआ, वह उसका क्या होगा. इसी अविश्वास और अकेले पूरे जेवर हड़पने की नीयत से उसने लोहे के पाइप से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी.
तेजाब से चेहरा बिगाड़ा, गत्ते पर लिखा गुमराह करने वाला संदेश
* अभिषेक को मारने के बाद सनी ने उसकी पहचान मिटाने के लिए शव पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाल दिया।
* सबूत मिटाने के लिए उसने दुकान और मकान के फर्श पर लगे खून के धब्बों को साफ किया।
* इस दौरान वह काफी देर तक वारदात वाली जगह पर ही मौजूद रहा।
* पुलिस को भटकाने के लिए उसने शवों के पास पड़े एक गत्ते पर लाल पेन से लिख दिया- बंटी, बबली और बहू ने मारा।
बदबू आने पर खुला राज, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
मंगलवार शाम को जब मकान और दुकान से तेज बदबू आने लगी, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताला तोड़ा तो अंदर वीरेंद्र, अनीता और मीनाक्षी के सड़ चुके शव मिले, जबकि अभिषेक की लाश दुकान के भीतर पड़ी थी।
इस मामले में मृतक के भांजे मंजीत केसरवानी की तहरीर पर कोतवाली में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसमें अब लूट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी सनी गुप्ता का पुराना कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में साउथ मलाका चौकी प्रभारी रोहित गौड़ और कोतवाली के एसएसआई मुलायम सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।