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सिर्फ 24 मिनट में हो गया ऑरेन्जकैप का फैसला वैभव सूर्यवंशी 3 बड़े स्टारों को पछाड़कर बने चैंपियन.. गर्व से भरे सर पर पहना ऑरेंजकैप...

सिर्फ 24 मिनट में हो गया ऑरेन्जकैप का फैसला वैभव सूर्यवंशी 3 बड़े स्टारों को पछाड़कर बने चैंपियन.. गर्व से भरे सर पर पहना ऑरेंजकैप...

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस (RCB vs GT) के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले से पहले ऑेरेन्ज कैप (सर्वश्रेष्ठ स्कोर) कब्जाने केलिए जबर्दस्त होड़ थी। विराट कोहली रेस में बहुत पहले ही पिछड़ चुके थे, तो मुकाबला पूरी तरह गुजरात कप्तान शुभमन गिल और साथी ओपनर साई सुदर्शन और भारतीय क्रिकेट की नई सनसनी वैभव सूर्यवंसी बीच सिमट कर रह गया था। 

इन तीनों के ही समर्थक अपने-अपने 'हीरो' के रेस जीतने के दावे कर रहे थे, लेकिन फाइनल मुकाबला शुरू होने के 24 मिनट के भीतर ही तय हो गया कि ऑरेन्ज कैप किसके सिर पर सजेगी। और बड़ी टक्कर में वैभव ने अपने से कहीं बड़े स्थापित नामों को पछाड़कर कैप अपने सिर धारण कर ली।

उम्मीदें चूर, सिर्फ 24 मिनट में गया फैसला

गुजरात टाइटंस के करोड़ों फैंस ख्वाब पाले थे कि उनके दोनों हीरो साई सुदर्शन और शुभमन गिल में कोई एक जरूर वैभव को पछाड़ कर ऑरेन्ज कैप हासिसल करने में सफल रहेगा. फाइनल से पहले इन दोनों ही बल्लेबाजो के निशाने पर वैभव सूर्यवंशी थे। साई सुदर्शन को वैभव से ऑरेन्ज कैप कब्जाने के लिए 67 और शुभमन गिल को यही काम करने के लिए 55 रन की दरकार थी। 

गुजरात के प्रशंसको को दोनों की प्रचंड फॉर्म देखते हुए पूरा भरोसा था कि इनमें से कोई एक स्टार जरूर वैभव को मात देने में सफल रहेगा, लेकिन पहले बैटिंग का न्योता पाने के बाद दोनों ही शुरुआती 24 मिनट के भीतर ड्रेसिंग रूम में आराम फरमा रहे थे। ऑरेन्ज कैप वैभव के सिर पर सज चुकी थी।

मैच से पहले ही रेस में खासे पीछे छूट गए थे विराट

पर्पल कैप की रेस में आरसीबी के पूर्व कप्तान विराट कोहली मैच शुरू होने से पहले ही रेस से बाहर हो गए थे. फाइनल से पहले कोहली के 15 मैचों की इतनी ही पारियों में 600 रन थे. और उन्हें यहां से ऑरेन्ज कैप हासिल करने के लिए 177 रन और बनाने थे. जाहिर है कि कोहली से आखिरी मैच में और फाइनल के मंच पर इतने रन की उम्मीद करना तो तो दिन में सपने देखने जैसा ही था. और वैसे भी पावर-प्ले में कोहसी का औसत करीब 22 का रहा है।

कुल मिलाकर तमाम बातों का परिणाम यह रहा कि फाइनल के शुरुआती 24 मिनटों ने ही यह तय कर दिया ऑरेन्ज कैप किसके सिर पर सजेगी. और गिल औ साई की फाइनल में नाकामी के बाद वैभव ने 16 मैचों की इतनी ही पारियों में सबसे ज्यादा 776 रन अपनी झोली में जमा करते हुए दूसरे ही सीजन में दिग्गजों को मात देते हुए यह सम्मान हासिल कर लिया।