जबलपुर का ऐतिहासिक गैरिसन ग्राउंड: जहां योग करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जुड़ी हैं इंदिरा-अटल की यादें...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने पांच दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश में हैं. वे 21 जून की सुबह 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026' के अवसर पर जबलपुर में योग और 22 जून को श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू जबलपुर के जिस गैरिसन ग्राउंड में योग करने जा रही हैं, वह अपने आप में अंग्रेजों के जमाने का एक समृद्ध इतिहास और कई दिलचस्प किस्से-कहानियां समेटे हुए है।
जबलपुर के सदर स्थित ऐतिहासिक गैरिसन ग्राउंड रविवार, 21 जून 2026 को एक बार फिर नया इतिहास रचने जा रहा है. सुबह आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. राष्ट्रपति के आगमनको देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम स्थल और आसपास के पूरे क्षेत्र में ड्रोन, पतंग, गुब्बारे सहित सभी प्रकार की उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
करीब सात दशक पुराने इस गैरिसन ग्राउंड के लिए यह अवसर बेहद खास है. यह पहली बार है जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति यहां आयोजित किसी योग कार्यक्रम में शिरकत कर रही हैं. इससे पहले साल 2023 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी योग दिवस के मौके पर यहाँ आए थे. अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से गैरिसन ग्राउंड के गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जबलपुर दौरे को लेकर संभागायुक्त-कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा. Photo-@jbpcommissioner
क्या है गैरिसन ग्राउंड का इतिहास?
सदर क्षेत्र में स्थित इस मैदान का नाम अंग्रेजी शब्द Garrison से पड़ा है, जिसका अर्थ 'सैन्य छावनी' होता है. ब्रिटिश शासनकाल के दौरान जब जबलपुर में सैन्य छावनी की स्थापना हुई, तब सदर क्षेत्र सैनिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन गया. इसी सैन्य पहचान के कारण यह मैदान 'गैरिसन ग्राउंड' के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1953 में इस मैदान को व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया. यह मैदान लंबे समय तक जबलपुर की खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां प्रथम श्रेणी के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें मध्य प्रदेश के कई प्रसिद्ध खिलाड़ियों ने अपने खेल का हुनर दिखाया. क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी यहाँ नियमित रूप से होता रहा।
कई पूर्व प्रधानमंत्रियों की सभाओं का रहा है साक्षी
गैरिसन ग्राउंड केवल खेलकूद तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जबलपुर के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण मंच बना. इसी मैदान पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के कई दिग्गज राष्ट्रीय नेताओं की ऐतिहासिक सभाओं का यह मैदान गवाह रहा है।
जब 1958 में यहां खेला गया ऐतिहासिक क्रिकेट मैच
'जबलीपुराण' के लेखक और जानकार कोविद वर्मा बताते हैं कि इस मैदान का सबसे दिलचस्प प्रसंग क्रिकेट से जुड़ा है. साल 1958-59 के वेस्टइंडीज के भारत दौरे के दौरान, 6 से 8 दिसंबर 1958 तक जबलपुर के इसी गैरिसन ग्राउंड में 'सेंट्रल ज़ोन' और 'वेस्टइंडीज' के बीच एक ऐतिहासिक मैच खेला गया था. इस मैच में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 349 रन और दूसरी पारी में 1 विकेट पर 134 रन बनाए थे, जबकि सेंट्रल ज़ोन ने अपनी पारी में 265 रन बनाए. यह मुकाबला अंततः ड्रॉ रहा था, लेकिन इस मैच ने गैरिसन ग्राउंड को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नक्शे पर चमका दिया था।
राष्ट्रपति का जबलपुर-श्योपुर दौरा
ऑल इंडिया रेडिया के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 21 जून 2026 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगी. समारोह सदर के गैरिसन ग्राउंड में सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा. योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति मुर्मु रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जायेंगी और 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगी. इसके बाद वे दोपहर एक बजे जबलपुर से ग्वालियर के लिए रवाना होंगी. सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कूनो राष्ट्रीय उद्यान जायेंगी।