राम मंदिर चढ़ावा गबन :: मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा की चाची ने ही खोली पोल, कई महंगे प्लॉट और कीमती फ्लैट खरीदे...
अयोध्या, न्यूज। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में सुर्खियों में आए मास्टरमाइंड मिल्कीपुर के अनुकल्प मिश्रा की अपने गांव बसावां में भी काफी हनक है। वह दबंगई के बल पर मनचाहा कार्य करा लेता था। इसमें उसका ऊंचा रसूख व मंदिर से जुड़े बड़े पदाधिकारी या स्थानीय जनप्रतिनिधि सहयोग करते थे।
गबन प्रकरण उजागर होने के बाद सामने आईं उसकी चाची नेहा मिश्रा ने बताया कि कम समय में उसने न केवल कई कीमती भूखंड खरीदे, बल्कि बहनोई लवकुश मिश्रा व अन्य परिचितों को भी मंदिर में नियुक्ति करा दी और नोएडा में कीमती फ्लैट खरीद लिया।
नेहा ने बताया कि अप्रैल में हुई भागवत कथा में तो उसने काफी धन खर्च कर वैभव का प्रदर्शन किया था। उसमें दो-तीन बार तो स्वयं ट्रस्ट महासचिव चंपतराय भी पहुंचे थे।
नेहा मिश्रा ने बताया कि अनुकल्प के चाचा बिजेंद्र मिश्रा से उनकी शादी वर्ष 2016 में हुई थी, लेकिन पति के अवैध संबंधों के कारण कुछ महीने बाद शादी टूट गई। इसका मामला परिवार न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश पर उन्हें बसावां गांव में एक कमरा रहने के लिए मिला है।
भागवत कथा के दौरान अनुकल्प व उसके पिता रवींद्र मिश्रा ने भाइयों के साथ मिल कर उस कमरे का ताला तोड़ कर सामान फेंक दिया। उन्हें सूचना मिली तो वह 30 अप्रैल को गोरखपुर से अपनी मां व बहनों के साथ बसावां पहुंचीं। इस पर अनुकल्प, बिजेंद्र व अन्य ने उनके साथ मारपीट की।
इनायतनगर पुलिस को सूचना दी, तो थानाध्यक्ष रतन शर्मा पहुंचे थे, लेकिन पुलिस उसके परिवार के आगे नतमस्तक रही। उल्टे उन्हीं लोगों से पूछने लगी कि यहां क्यों आई तुम। तबसे आज तक कोई कार्रवाई भी नहीं की।
नेहा बताती हैं, अनुकल्प को जब मंदिर में नौकरी मिल गई थी, तो उसने जीजा लवकुश को भी रखवा दिया। वहां से इतना पैसा लाता रहा कि जब-तब अपने रिश्तेदारों का भी आर्थिक सहयोग करने लगा।
बिजेंद्र ने न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बीच ही दूसरी शादी कर ली, तो नोएडा में उसे फ्लैट खरीद कर दे दिया। वहां वह दूसरी पत्नी के साथ रह रहा है। अनुकल्प उन्हें तो आर्थिक सहयोग कर ही रहा है, दूसरी पत्नी के पिता को भी रुपये दिए हैं।
नेहा मिश्रा ने बताया कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से उसने पांच-छह स्थानों पर महंगी जमीन खरीद ली है।