वाराणसी में बीएड प्रवेश परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से दे रही थी परीक्षा...
वाराणसी। सेवापुरी कालिका धाम पीजी कॉलेज में आयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान रविवार को एक फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि युवती दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर एडिट किए गए आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और फोटो के सहारे परीक्षा देने पहुंची थी। मामले का खुलासा होने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवती की पहचान तनिषा कुमारी पुत्री राजेंद्र सिंह निवासी महरावां, थाना रोह, जिला नवादा (बिहार) और वर्तमान पता आरके कॉलोनी, पटना के रूप में हुई है। वह कानपुर निवासी श्रेया भारती के स्थान पर परीक्षा देने आई थी। कॉलेज के प्रोफेसर अनिलेश कुमार सिंह की लिखित तहरीर पर कपसेठी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पूछताछ में तनिषा कुमारी ने बताया कि उसकी सहेली प्रीति और रोशन ने श्रेया भारती के दस्तावेज एडिट कराकर उपलब्ध कराए थे। परीक्षा देने के एवज में उसे सात हजार रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि बाकी रकम बाद में देने की बात कही गई थी।
इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की धोखाधड़ी से न केवल योग्य छात्रों का हक मारा जाता है, बल्कि यह समाज में गलत संदेश भी फैलाता है। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और अन्य संभावित फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान के लिए जांच जारी है।
इस प्रकार की घटनाएं शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। अभिभावकों और छात्रों को इस बात की जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी में शामिल न हों। शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि योग्य छात्रों को उनके हक का सही अवसर मिल सके।