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सपा-कांग्रेस दगे कारतूस, सीएम बनने के लिए अखिलेश अगले जन्म की तैयारी करें: ओमप्रकाश राजभर ने आज कहा...

सपा-कांग्रेस दगे कारतूस, सीएम बनने के लिए अखिलेश अगले जन्म की तैयारी करें: ओमप्रकाश राजभर ने आज कहा...

वाराणसी, ब्यूरो। सपा में संभावित टूट के दावों पर आरोप-प्रत्यारोप की 'राजनीतिक कुश्ती' जारी है। सपा में टूट का सबसे पहले दावा करने वाले सुभासपा अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी तीखे बयानों के तीर छोड़े। सपा और कांग्रेस गठबंधन को "दो दगे हुए कारतूसों" का मिलन बताया।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों दल 2017 में साथ चुनाव लड़ चुके हैं और 47 सीटों पर सिमट गए थे। इस बार सपा अपनी पुरानी सीटें भी नहीं बचा पाएगी। राजभर ने भाजपा पर सहयोगी दलों को कमजोर करने के विपक्ष के आरोप को खारिज किया। कहा कि भाजपा नेता बनाने का काम करती है।

दावा किया कि भाजपा के सहयोग से ही मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने थे। अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और स्वयं उन्हें भी भाजपा ने ही राजनीतिक पहचान दिलाई है। अखिलेश यादव अब इस जन्म में मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।

उन्हें अगले जन्म की तैयारी करनी चाहिए। टिकट बेचने और गुप्त मुलाकात के सपा के आरोपों को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि अतरौलिया समेत सभी सीटों पर उनकी पार्टी तैयारी कर रही है। सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व करेगा।

मुलायम सिंह के लोगों को नहीं मिल रहा सम्मान, इसलिए छोड़ रहे सपा

परिवहन मंत्री उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी सपा में टूट की चर्चा को अपने दावों से बल देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के साथ काम करने वाले नेता और कार्यकर्ता पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और इस कारण सपा से दूरी बना रहें हैं।

सपा में किसी सामान्य कार्यकर्ता के लिए न मुख्यमंत्री बनने का अवसर है और न राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भगवान परशुराम के रूप में सामने आई तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल पहले सिद्ध करें कि वह ब्राह्मण हैं या नहीं।

सपा सांसदों ने भी संभाला मोर्चा, राजभर और निषाद को पार्टी में आने का न्योता

सपा सांसद सनातन पांडेय ने राजभर के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा पूरी तरह एकजुट है और टूट की कोई संभावना नहीं है। ओमप्रकाश राजभर को दूसरों की नहीं, अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता करनी चाहिए। वह मंत्री पद से इस्तीफा देकर आज चुनाव लड़ें तो जनता सिरे से नकार देगी। राबर्ट्सगंज से सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद को सपा में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। कहा कि दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टियों का सपा में विलय कर लेते हैं तो चुनाव जिताने के साथ कैबिनेट मंत्री भी बनाएंगे।