लखनऊ:सीएम योगी ने किया आज क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन, बोले-किसानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलना जरुरी...
लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में मौसम विभाग के नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर देश के अन्नदाताओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को मौसम से जुड़ी हर जानकारी समय पर मिलना उनका अधिकार है और यदि उन्हें सटीक सूचना न मिल पाए तो यह उनके साथ न्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय पर अलर्ट मिलने से फसलों के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है और भविष्य के संभावित खाद्यान्न संकट को काफी हद तक टाला जा सकता है।
यूपी में बिछा वेदर स्टेशनों का अभेद्य जाल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मौसम की निगरानी के लिए तैयार किए गए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब स्थानीय स्तर पर मौसम का सटीक आकलन करने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है:
मौसम निगरानी प्रणाली स्थापित संख्या/ स्थान मुख्य लाभ व उपयोगिता
* ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन: 450 स्टेशन/ ब्लॉक स्तर पर मौसम के सटीक और त्वरित आंकड़े जुटाना।
* ऑटोमेटिक रेन गेज सेंटर: 2000 केंद्र वर्षा की मात्रा और पैटर्न की सटीक लाइव मॉनिटरिंग।
* एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार: आज़मगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, आंधी-तूफान, बिजली और
झांसी और लखनऊ चक्रवाती वर्षा की तात्कालिक निगरानी।
* डिटेक्शन सेंटर: प्रदेशव्यापी नेटवर्क आकाशीय बिजली की सटीक भविष्यवाणी
* और जान-माल का बचाव।
'बदल गया है मौसम का चक्र'
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब मौसम के प्राकृतिक चक्र में साफ तौर पर करीब एक महीने का अंतर आ चुका है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव हमारी फसलों के चक्र पर पड़ रहा है। मुनाफे की अंधी दौड़ में पर्यावरण को पहुंचाए जा रहे नुकसान पर सचेत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रकृति के साथ सही व्यवहार नहीं किया है। मुनाफे के लिए प्रकृति का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में पूरी दुनिया के सामने गंभीर खाद्यान्न संकट पैदा हो सकता है। यदि हम सब अब भी संभल जाएं और धरती माता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें, तो पर्यावरण सुधार में बड़ी मदद मिल सकती है।
मात्र 11% कृषि भूमि, फिर भी देश को दे रहे 21% खाद्यान्न
मुख्यमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था और पेट भरने में उत्तर प्रदेश के किसानों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यूपी देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ देश का सबसे बड़ा अन्नदाता भी है। यहाँ की जमीन बेहद उपजाऊ है और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में देश की कुल कृषि योग्य भूमि का महज 11 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन हमारे मेहनती किसानों के दम पर यूपी अकेले पूरे देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी हिस्सा पैदा करता है।
डाटा विश्लेषण से सुधरेगी भविष्यवाणी की गुणवत्ता
लखनऊ में स्थापित यह नया क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय मौसम विभाग (IMD) के केंद्रीय नेटवर्क के एक बेहद महत्वपूर्ण भाग के रूप में कार्य करेगा। इस केंद्र के सक्रिय होने से अब न केवल स्थानीय स्तर पर मौसम की सटीक भविष्यवाणी की जा सकेगी, बल्कि उन्नत डाटा विश्लेषण के जरिए ओलावृष्टि, भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी करने की प्रक्रिया में भी बड़ा और गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।