अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI जांच की मांग पर तुरंत सुनवाई नहीं, जज की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय...
नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि नियमित कार्यवाही शुरू होने पर मामले की सुनवाई होगी और इसमें कुछ समय लगेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका पर जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई की जाएगी।
तत्काल सुनवाई की मांग खारिज
दो अधिवक्ताओं की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) में राम मंदिर के दान और चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले की सीबीआई के नेतृत्व में बहु-एजेंसी जांच कराने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच से लोगों का भरोसा नहीं बन रहा है और अहम सबूतों के सुरक्षित रहने को लेकर भी सवाल हैं।
हालांकि, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले पर नियमित सूची के अनुसार सुनवाई की जाएगी।
जुलाई में होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिका 12 से 17 जुलाई के सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी. अदालत ने संकेत दिया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही इस मामले पर विचार किया जाएगा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ
इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. जांच के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया जा चुका है. जरूरत पड़ने पर ट्रस्टी अनिल मिश्रा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
ट्रस्ट ने जताया दुख, निष्पक्ष जांच का भरोसा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आरोपों पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि वह निष्पक्ष जांच के पक्ष में है. ट्रस्ट ने चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि भी की है।
साथ ही ट्रस्ट ने राम भक्तों को भरोसा दिलाया कि भगवान राम को अर्पित की गई सभी बहुमूल्य वस्तुएं, जिनमें चांदी की ईंटें और आभूषण शामिल हैं, पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में सभी की नजरें पुलिस जांच और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मामले में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।