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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को ये क्या हुआ? राममंदिर विवाद में CM योगी की जमकर की तारीफ, जानें क्या कहा उन्होंने...

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को ये क्या हुआ? राममंदिर विवाद में CM योगी की जमकर की तारीफ, जानें क्या कहा उन्होंने...

Swami Avimukteshwarand And CM Yogi: अक्सर सीएम योगी पर निशाना साधने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रविवार को दूसरा रूप देखने को मिला। सरकार पर निशाना साधने को लेकर चर्चा में रहने वाले शंकराचार्य ने इस बार सीएम योगी की जमकर तारीफ की। राम मंदिर दान विवाद में योगी के स्टैंड को शंकराचार्य ने सराहा है।

दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोरक्षा यात्रा निकाल रहे हैं। इसके तहत वह यूपी में अलग अलग हिस्सों में जा रहे हैं। रविवार को शंकराचार्य शामली में रहे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस बार सरकार पर निशाना साधने के बजाय शंकराचार्य ने सीएम योगी की जमकर तारीफ की।

Swami Avimukteshwarand ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनसे दूर रहे, हम इस कदम की प्रशंसा करते हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो निर्णय लिया कि अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को मीटिंग से, अपने पास से दूर रखा, बहुत अच्छा कदम उठाया, हम इसकी प्रशंसा करते हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, गत 19 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनके साथ नजर नहीं आए। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद मुख्यमंत्री योगी ने ट्रस्ट के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

दौरे के दौरान सीएम योगी ने कहा था कि एसआईटी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े कोई दस्तावेज या सबूत हैं, तो वे उन्हें एसआईटी को सौंपें ताकि जांच में सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने लोगों से यह भी अपील की थी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई ऐसी टिप्पणी या बयान न दें, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों।

कब-कब शंकराचार्य सीएम योगी में हुआ विवाद

माघ मेले में विवाद: जनवरी में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के मौके पर प्रशासन ने भारी भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य को पालकी के जरिए संगम तट तक जाने से रोक दिया था। इसके विरोध में शंकराचार्य ने संगम किनारे धरना दिया था।

शंकराचार्य पद को लेकर विवाद: इस मामले के दौरान मेला प्रशासन बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शंकराचार्य पदवी को लेकर सवाल उठाए थे। सीएम योगी ने सदन में कहा था कि कोई भी व्यक्ति अपने नाम के आगे शंकराचार्य नहीं लिख सकता कानून सभी के लिए समान है।

राजनीतिक बयानबाजी: सीएम योगी ने शंकराचार्य के व्यवहार को लेकर इशारों में उनकी तुलना रामायण के पात्र ‘कालनेमी’ से की थी। इसके जवाब में शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को औरंगजेब’ तक कह दिया था भगवा वस्त्र धारण करने वालों की मर्यादा पर सवाल उठाए थे।

शंकराचार्य ने एकजुट का किया आव्हान

शामली में आयोजित गोरक्षा गविष्टि यात्रा के दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए Swami Avimukteshwarand ने कहा कि गोरक्षा धर्म रक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। शंकराचार्य ने सभी सनातनियों से जाति, क्षेत्र भाषा के भेदभाव से ऊपर उठने की अपील करते हुए कहा कि धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए ऐसे लोगों का समर्थन करें, जो गोरक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य करते हों।