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फैक्ट चेक: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का दावा फर्जी, लखनऊ के हुसैनगंज में ठगों के खिलाफ FIR दर्ज...
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित हो रही 32,679 पदों की सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता पूरी तरह बरकरार है और किसी भी केंद्र से पेपर लीक नहीं हुआ है।
भ्रामक खबरें फैलाने और पेपर लीक का झांसा देकर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ के हुसैनगंज थाने में मुकदमा (FIR) दर्ज कराया है।
भर्ती बोर्ड की सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया सेल लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही थी। इस दौरान पाया गया कि कुछ टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर 8, 9 और 10 जून को होने वाली परीक्षा के असली प्रश्न पत्र एडवांस में देने के झूठे दावे किए जा रहे थे।
ये जालसाज भोले-भाले अभ्यर्थियों से पेपर के बदले क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के जरिए एडवांस पैसों की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो और वे इस ठगी का शिकार न बनें, इसके लिए भर्ती बोर्ड के निरीक्षक की तहरीर पर तत्काल लखनऊ के हुसैनगंज कोतवाली में अज्ञात ठगों और संबंधित टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ धोखाधड़ी (IT Act और BNS की सुसंगत धाराओं के तहत) का केस दर्ज कराया गया है।
"सभी 75 जिलों के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और कड़ी निगरानी में हो रही है। कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है। अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की अफवाहों, फर्जी दावों या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों के झांसे में न आएं।"
गौरतलब है कि इस बार उत्तर प्रदेश सरकार इस परीक्षा को लेकर बेहद सख्त है। राज्य में लागू नए कड़े कानून के तहत परीक्षा में धांधली या पेपर लीक की कोशिश करने वाले गैंग्स को आजीवन कारावास और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।
कड़ी निगरानी: राज्य भर में 32,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विलांस के जरिए परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है।
एसटीएफ सक्रिय: हुसैनगंज थाने में दर्ज एफआईआर के बाद साइबर सेल और एसटीएफ (STF) उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और टेलीग्राम एडमिन की तलाश में जुट गई है जो इस फर्जीवाड़े के पीछे हैं।
यदि आपको भी किसी सोशल मीडिया ग्रुप या व्यक्ति द्वारा पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या भर्ती बोर्ड को दें। पैसों के बदले पेपर देने का दावा करने वाले लोग महज ठग हैं जो आपकी मेहनत और पैसों का फायदा उठाना चाहते हैं।