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IND vs AFG: जायसवाल-गिल समेत 6 विकेट लेकर बनाया रिकॉर्ड, सलीम सफी क्यों बने टीम इंडिया के लिए आफत?, भारत 564 पारी घाेषित

IND vs AFG: जायसवाल-गिल समेत 6 विकेट लेकर बनाया रिकॉर्ड, सलीम सफी क्यों बने टीम इंडिया के लिए आफत?, भारत 564 पारी घाेषित

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम के बल्लेबाजों से खूब रन बनाने की उम्मीद पहले से की जा रही थी। पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने निराश भी नहीं किया और 564 रन बनाकर घोषित की.कम ही लोगों ने सोचा होगा कि टीम इंडिया को यहां तक पहुंचने में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मगर ये तो शायद ही किसी के दिमाग में आया होगा कि कोई अफगान तेज गेंदबाज भारतीय पिच पर अपना कहर बरपाएगा। मोहम्मद सलीम सफी के इरादे अलग थे, जिन्होंने अपनी रफ्तार और उछाल के दम पर 6 विकेट लेकर टीम इंडिया के लिए परेशानी खड़ी की।

धुरंधरों को निपटाया और रिकॉर्ड बनाया

मुल्लांपुर में खेले जा रहे इकलौते टेस्ट मैच के दूसरे दिन 23 साल के पेसर सलीम सफी ने अपनी रफ्तार और धार का जलवा दिखाया. तेज धूप के बावजूद सफी ने हिम्मत नहीं हारी और टेस्ट करियर में पहली बार पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटक लिए. अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे सफी ने इसके साथ ही एक रिकॉर्ड भी बना दिया. वो भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पारी में 5 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए, जबकि ओवरऑल टेस्ट में ये उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ तीसरे अफगान तेज गेंदबाज बने।

सलीम सफी ने मैच के पहले दिन से ही विकेट झटकने शुरू कर दिए थे और अकेले ही भारत के टॉप और मिडिल ऑर्डर को निपटा दिया. पहले दिन उन्होंने यशस्वी जायसवाल (24) और साई सुदर्शन (81) को आउट किया था. फिर दूसरे दिन उनका पहला और पारी का तीसरा शिकार बने कप्तान शुभमन गिल, जो 126 रन बनाकर आउट हुए. जल्द ही उन्होंने ध्रुव जुरेल को एक बेहतरीन गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया. दिन के दूसरे सेशन में उन्होंने मानव सुथार को आउट कर पारी में अपने 5 विकेट पूरे किए और फिर मोहम्मद सिराज से कुछ मार खाने के बाद उन्हें अपना छठा शिकार बनाया।

सलीम की बॉलिंग में क्या है खास?

सलीम ने पारी का अंत 27 ओवर में 140 रन देकर 6 विकेट के साथ किया. मगर अफगानिस्तान के बाकी गेंदबाजों की तुलना में सफी को इतनी सफलता क्यों मिली? खास तौर पर भारत में स्पिनर के बदले अफगानिस्तान के पेसर ने इतना असर क्यों डाला? इसकी कई वजहें हैं और इसमें अहम है उनकी रफ्तार. मुल्लांपुर में लगातार 38-40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद वो बिना परेशानी के 140 से 145 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से अपने स्पैल करते रहे, जिसके चलते उनकी गेंदबाजी में थकान नजर नहीं आई.

मगर सिर्फ रफ्तार से कुछ नहीं होता. सफी ने रफ्तार के साथ ही अच्छा उछाल भी हासिल किया और इस पर जब दूसरी नई गेंद से उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ पर टप्पा रखते हुए बॉलिंग की तो इसने परेशान किया। खास तौर पर उन्हें जो सीम मूवमेंट हासिल हुआ वो उनकी लाइन और रफ्तार के साथ कमाल का था। ध्रुव जुरेल का विकेट इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जहां उन्होंने गुड लेंथ पर चौथे स्टंप की लाइन पर गेंद की और ये टप्पा पड़कर अंदर आते हुए स्टंप उड़ा ले गई। जुरेल को लगा था कि ज्यादा अंदर नहीं आएगी लेकिन वो गच्चा खा गए।

भारत ने की पारी घोषित

टीम इंडिया की बात करें तो पहले दिन 3 विकेट खोकर 368 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने दूसरे दिन अपने स्कोर को दो सेशन के अंदर 564 रन तक पहुंचाया. दिन के पहले सेशन में ही टीम इंडिया ने 107 रन बना दिए थे लेकिन कप्तान गिल (126) और ऋषभ पंत जैसे सेट बल्लेबाजों समेत 3 विकेट गंवा दिए थे। पंत अपना शतक पूरा करने से चूक गए और 81 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद अगले सेशन में वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन बनाकर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया. दूसरा सेशन खत्म होने से करीब आधा घंटा पहले टीम इंडिया ने पारी घोषित कर दी।