शिवम दुबे, सूर्यांश व ईशान के कैच छोड़ने से हारा भारत...फील्डिंग को अय्यर ने किया टारगेट, एक-एक करके मानी गलती...
India vs Englnad: भारत और इंग्लैंड के बीच 5वें और आखिरी टी20 मुकाबले में भी टीम इंडिया ने नाक कटा दी. 258 रन के पहाड़नुमा टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पाटा विकेट पर भी 201 रन बना सकी.इस मुकाबले के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक-एक करके गलती स्वीकार की. साथ ही उन्होंने टीम की फील्डिंग को टारगेट किया. भारतीय टीम की तरफ से 3 बड़े कैच छूटे, जिसके चलते इंग्लैंड की टीम इतने बड़े स्कोर तक पहुंचने में कामयाब हुई।
जोस बटलर ने इंग्लैंड के लिए सेंचुरी ठोकी. उन्होंने 131 रन की पारी खेली, लेकिन अगर 16वें ओवर में अक्षर पटेल की गेंद पर सूर्यांश शेड्गे ने कैच लपका होता तो टोटल छोटा हो सकता था. वहीं, हैरी ब्रूक के दो कैच छूटे, जिन्होंने 95 रन की पारी खेली. एक शिवम दुबे ने छठे ओवर में छोड़ा जबकि दूसरा ईशान ने 19वें ओवर में छोड़ दिया. श्रेयस अय्यर ने फील्डिंग को लेकर चुप्पी तोड़ी और समझाया कि टीम को इससे कितना नुकसान हुआ। 0-4 से सीरीज हारने के बाद उन्होंने बताया कि आखिर उन्हें इस सीरीज से क्या सीख मिली।
क्या बोले श्रेयस अय्यर?
श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा, "बहुत कुछ सीखना है. सबसे पहले, कंडीशन, अवेयरनेस, विकेट के हिसाब से ढलना. मुझे लगता है कि हमने जिस भी ग्राउंड पर खेला, यह शायद अब तक का सबसे अच्छा विकेट था. आज जब हमने बैटिंग की, तो अप्रोच बिल्कुल अलग था और मुझे लगता है कि यह सब अडैप्टेशन के बारे में है. कंडीशन बदल गईं, पहले मैच से ही बदलती रहीं. लेकिन हां, प्रोफेशनल्स के तौर पर हमें इन सभी कंडीशन से सीखने और अवेयर रहने की जरूरत है।"
टीम इंडिया के लिए अनलकी साबित हुए प्रिंस यादव? डेब्यू करते ही बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड
फील्डिंग पर क्या बोले अय्यर?
उन्होंने आगे फील्डिंग को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि यह ज़रूरी है कि हम जितना हो सके कम्युनिकेट करें कि हम यहां और बेहतर क्या कर सकते थे, खासकर. आप देखिए, मैच जीतने में फील्डिंग का अहम रोल होता है। तो यह एक ऐसी चीज है जिस पर हमें बहुत ज़्यादा काम करने की जरूरत है और खासकर जब आप ओवरसीज कंडीशन में आते हैं, तो ग्राउंड का साइज बिल्कुल अलग होता है। इसलिए आप जितनी जल्दी अडैप्ट करेंगे, उतना ही बेहतर होगा। हम शायद ब्लफ़ कर सकते थे, लेकिन हमने कुछ कैच भी छोड़े जिससे शायद हमारे टोटल में थोड़ा नुकसान हुआ। हम लगभग 220 से 225 के टारगेट का पीछा कर रहे होते तो यह शायद सबसे अच्छे चेज में से एक होता जो हम कर सकते थे।"
शिवम दुबे ने 3 रन पर छोड़ा हैरी ब्रूक का कैच
पावरप्ले के आखिरी ओवर में जब प्रिंस यादव अटैक पर आए तो उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को अपने जाल में फंसा ही लिया था। ब्रूक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में खड़ा कर बैठे। शॉर्ट थर्ड मैन की दिशा में तैनात शिवम दुबे गेंद को सही से जज नहीं कर पाए और कैच टपका दिया। ब्रूक उस समय 3 के स्कोर पर थे। कैच छूटने के बाद ब्रूक ने अगली दो गेंदों पर बैक टू बैक दो छक्के लगाए। अगर ब्रूक यहां आउट हो जाते तो मैच का नतीजा कुछ और भी हो सकता था।
16वें ओवर में छूटा जोस बटलर का कैच
अक्षर पटेल के 16वें ओवर में जोस बटलर का कैच छूटा, जब वह 101 के निजी स्कोर पर थे। हैरी ब्रूक को 90 के निजी स्कोर पर एक और जीवनदान मिला। पारी के आखिरी ओवर में ईशान किशन ने इस बार उनका कैच छोड़ा।फील्डिंग में काफी ढीली पड़ी टीम इंडिया
टी20 वर्ल्ड कप, 2026 की शुरुआत से भारत की कैचिंग क्षमता 72.1% है। फुल मेंबर्स में सिर्फ आयरलैंड और बांग्लादेश का प्रदर्शन इससे खराब रहा है।
बात मैच की करें तो, 258 रनों की चेज में भारत के लिए ईशान किशन और तिलक वर्मा ने फिफ्टी जरूर जड़ी, मगर टीम इंडिया 201 रन से ज्यादा बोर्ड पर नहीं लगा पाई। अभिषेक शर्मा जैसे विस्फोटक बल्लेबाज कुछ नहीं कर पाए, वहीं सीरीज का दूसरा मैच खेल रहे सैमसन का प्रदर्शन भी फीका रहा। कप्तान श्रेयस अय्यर का बल्ला भी आखिरी टी20 में नहीं चला।