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सिंधिया ने मंच से दिल जीता !!! महिला से बोले-लाइसेंस बनवाओ, अगली बार मेरी कार आप ही चलाएंगी, आपके पतिदेव को पीछे बैठाएंगे...

सिंधिया ने मंच से दिल जीता !!! महिला से बोले-लाइसेंस बनवाओ, अगली बार मेरी कार आप ही चलाएंगी, आपके पतिदेव को पीछे बैठाएंगे...

अशोकनगर: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अशोकनगर दौरे के दौरान आजीविका मिशन के कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरणादायक पल देखने को मिला। स्व-सहायता समूह से जुड़ी एक महिला ने बताया कि उनके घर में दो चारपहिया वाहन हैं, लेकिन पति के मना करने के कारण वह खुद गाड़ी नहीं चला पातीं। महिला की यह बात सुनते ही सिंधिया ने मंच से ही कलेक्टर को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दे दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह अशोकनगर आएंगे तो यही महिला उनकी गाड़ी चलाएंगी।

सिंधिया के मंच पर हुआ दिलचस्प संवाद

गुरुवार को लॉ कॉलेज परिसर में आयोजित आजीविका मिशन संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत की। इसी दौरान सरस्वती संकुल स्तरीय संगठन की सदस्य विमलेश शर्मा ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब उनके घर में दो चारपहिया वाहन हैं, जिन्हें बेटा और ड्राइवर चलाते हैं।इस पर सिंधिया ने मुस्कुराते हुए पूछा, 'आप खुद गाड़ी क्यों नहीं चलातीं?'महिला ने जवाब दिया, 'पति कहते हैं कि गाड़ी मत चलाओ, गिर जाओगी।'

कलेक्टर को दिए तत्काल निर्देश

महिला का जवाब सुनते ही सिंधिया ने कलेक्टर को मंच पर बुलाया और निर्देश दिए कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया जाए और उन्हें विधिवत ड्राइविंग सिखाई जाए। इसके बाद उन्होंने मंच से घोषणा की कि अगले दौरे पर जब वह अशोकनगर आएंगे तो उनकी गाड़ी यही महिला चलाएंगी। सिंधिया की इस घोषणा पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश

सिंधिया की यह पहल केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संदेश भी मानी जा रही है। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया।

25 से 30 हजार रुपये की मासिक आय

सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनकी सफलता की कहानियां भी सुनीं। नरसूखेड़ी की आजीविका दीदी राजश्री ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में एक छोटी किराना दुकान से शुरुआत की थी और आज हर महीने 25 से 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस दौरान सिंधिया ने उनसे मराठी भाषा में भी आत्मीय संवाद किया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।