वाराणसी में गंगा में एक बार फिर बढ़ाव, पानी में हो रही बैरिकेडिंग, कई प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क टूटने के कगार पर...
वाराणसी, न्यूज। गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 25 जुलाई की सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 61.05 मीटर पर स्थिर था, लेकिन शाम होते-होते जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी।
पानी निचले इलाकों तक पहुँच चुका है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राजघाट से अस्सी घाट तक स्नानार्थियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
दशाश्वमेध, शीतला घाट, मुंशी घाट, पंचगंगा घाट, तुलसी घाट और अस्सी घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर गंगा स्नान के लिए पानी में बैरिकेडिंग की गई है। जल पुलिस के प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि घाटों पर लगातार पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। बाढ़ के दौरान बड़ी नावों पर यात्रियों को लाइफ सेविंग जैकेट के साथ यात्रा कराई जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी में न जाने और एहतियात बरतने का ध्यान रखें। बाढ़ के कारण घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। जबकि कई घाटों का आपसी संपर्क टूटने की कगार पर पहुंच चुका है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ के संभावित प्रभावों को देखते हुए स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
इस स्थिति में, प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है ताकि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति का सामना किया जा सके। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
गंगा में बाढ़ के हालात को देखते हुए, वाराणसी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है। सभी स्नानार्थियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है।
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।