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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दीक्षा समारोह को भव्य एवं गरिमामय बनाने के दिए निर्देश...

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दीक्षा समारोह को भव्य एवं गरिमामय बनाने के दिए निर्देश...

वाराणसी, न्यूज। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने 44वें दीक्षा समारोह के दृष्टिगत विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन, लाल भवन एवं शताब्दी भवन अतिथि गृहका निरीक्षण किया। और संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि 29 जुलाई की पूर्वाह्न नौ बजे मुख्य भवन में आयोजित होने वाले दीक्षा समारोह से पूर्व सभी निर्माण, जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, विद्युत, प्रकाश, मंच, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक तैयारियां उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर ली जाएं।

कुलपति ने कहा कि दीक्षा समारोह विश्वविद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन है। अतः प्रत्येक व्यवस्था विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। जिससे समारोह भव्य, सुव्यवस्थित एवं अविस्मरणीयबन सके। 

उन्होंने बताया कि समारोह दिवस को राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा जीर्णोद्धारित ऐतिहासिक लाल भवन एवं शताब्दी भवन अतिथि गृह का लोकार्पण भी किया जाएगा। 

इस दृष्टि से दोनों भवनों के शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने तथा उनकी उत्कृष्ट सज्जा एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि सभीव्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए प्रत्येक कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराया जाए। इस दौरान कुलसचिव राकेश कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

दीक्षा समारोह के दृष्टिगत विश्वविद्यालय में 25, 26 एवं 29 जुलाई को पड़ने वाले तीन अवकाश क्रमश: हरिशयनी एकादशी, साप्ताहिक एवं गुरु पूर्णिमा के अवकाशों को निरस्त कर दिया गया है। कुलसचिव राकेश कुमार ने बताया कि इनके स्थान पर प्रतिकर अवकाश बाद में दिया जाएगा।