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Chinese Army: अरुणाचल प्रदेश में 60km अंदर घुसा चीन? भारत में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर ये चल क्या रहा है? जानें...

Chinese Army: अरुणाचल प्रदेश में 60km अंदर घुसा चीन? भारत में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर ये चल क्या रहा है? जानें...

नईदिल्ली/असम, न्यूज़। सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दावे किए जा रहे हैं कि अरुणाचल प्रदेश में भारत के अंदर कई किलोमीटर चीनी सेना घुस चुकी है। लेकिन, भारत में रॉ के लिए पहले काम कर चुके एक जासूस ने बताया है कि जिन वर्दी वाले लोगों को चाइनीज फौज बताया जा रहा है, वे दरअसल,नॉर्थ-ईस्ट के विद्रोह संगठन के लोग हैं।

'चीन की सेना का घुसने का दावा झूठ'

पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने एक्स पर सोशल मीडिया पर चल रहा वीडियो पोस्ट किया है और लिखा है, 'सोशल मीडिया पर इस समय कई ऐसे वीडियो फैलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना (Chinese Army) हमारे इलाकों में घुस चुकी है। यह पूरी तरह झूठ है!'

'यूएनएलएफ को बताया जा रहा चीनी फौज'

उन्होंने आगे बताया है कि 'लोग वीडियो में जिन्हें चीन की सेना समझ रहे हैं, वे असल में नॉर्थ-ईस्ट में सक्रिय विद्रोही संगठन के लोग हैं।' उनका कहना है कि जिसे 'चीनी सेना की घुसपैठ' कहा जा रहा है, असल में उसमें शामिल लोग यूनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (UNLF) के लोग हैं।

'मणिपुर के वीडियो को अरुणाचल का बता रहे'

खुफिया एक्सपर्ट ने यह भी दावा किया है कि 'जिस वीडियो को अरुणाचल प्रदेश का बताया जा रहा है, वह दरअसल मणिपुर के फयांग क्षेत्र का है और वह भी पांच दिन पुराना हो चुका है।'

अरुणाचल में घुसपैठ के दावों को सेना ने किया खारिज

* इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के नाह आदिवासी संगठन ने दावा किया था कि 'उनकी पुश्तैनी जमीन और चारागाहों पर अब चीनी की सेना पीएलए का कब्जा है, जहां कुछ समय पहले तक वे मवेशी ले जाते थे और वन उत्पाद लेकर आते थे।'
* लेकिन, भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में किसी भी तरह की चीनी सेना की घुसपैठ का खंडन किया है।
* भारतीय सेना ने कहा कि उसने 'कुछ मीडिया रिपोर्ट देखे हैं कि चीनी पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश में कैंप लगा लिए हैं और पीएलए ने अतिक्रमण किया है। लेकिन, ये रिपोर्ट गलत और आधारहीन हैं।'

मणिपुर में जातीय संघर्ष रोकने की अपील

* इस बीच यूनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (UNLF) के पूर्व चेयरमैन और मणिपुर में सबसे लंबे समय तक विद्रोह की अगुवाई करने वाले राज कुमार मेघेन उर्फ साना यायिमा अब मणिपुर में जातीय संघर्ष बंद करने की अपील कर रहे हैं।

* 82 वर्षीय मेघेन करीब 16 साल बाद दिल्ली लौटे हैं और मेतेई और नगा समुदाय के लोगों से मिलकर जातीय संघर्ष रोकने के लिए बातचीत शुरू करने की अपील कर रहे हैं।

* उन्होंने कहा है कि वे कुकी समुदाय के लोगों से भी बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना है कि उनकी कोशिश पूरी तरह से निजी है।

* उन्हें 'राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए' दोषी पाया गया था और सजा पूरी होने के बाद 2019 में जेल से बाहर आए थे।