ज्ञानवापी मामला: आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई दो हफ्ते टाली, CJI बोले- 'अभी ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई का उचित समय नहीं'...
ज्ञानवापी मामला: नवापी परिसर में सावन के दौरान कथित शिवलिंग की पूजा, दर्शन और जलाभिषेक की अनुमति मांगने वाली हिंदू पक्ष की नई याचिका पर आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है।
सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि "अभी ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई का उचित समय नहीं है." सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अदालत को बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कथित शिवलिंग से संबंधित अपनी रिपोर्ट अभी तक दाखिल नहीं की है।
इस पर CJI सूर्य कांत ने कहा, "आप धैर्य रखिए, पहले ही बहुत मामले लंबित हैं। अभी ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई का उचित समय नहीं है।" इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय कर दी।
क्या थी हिंदू पक्ष की मांग?
हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दायर नई याचिका में मांग की थी कि सावन के पवित्र महीने में ज्ञानवापी परिसर के सीलबंद क्षेत्र में मौजूद कथित शिवलिंग के दर्शन, पूजा और जलाभिषेक की अनुमति दी जाए. याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यदि अदालत अनुमति देती है तो वे कोर्ट की सभी शर्तों और सुरक्षा व्यवस्था का पूरी तरह पालन करेंगे।
2022 से सीलबंद है विवादित स्थान
ज्ञानवापी परिसर में 15 मई 2022 को एडवोकेट कमिश्नर की निगरानी में हुए सर्वे के दौरान एक संरचना मिलने का दावा किया गया था. हिंदू पक्ष इसे प्राचीन शिवलिंग बताता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह वजूखाने का फव्वारा है. इसके बाद 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए उस स्थान को सीलबंद रखने का निर्देश दिया था, ताकि विवादित संरचना सुरक्षित रहे. तब से वह हिस्सा सील है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक है।
क्या है पूरा विवाद?
वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर को लेकर कई मामले अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थान मूल रूप से भगवान आदि विश्वेश्वर का प्राचीन मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई. वहीं मुस्लिम पक्ष इस दावे को खारिज करते हुए इसे ऐतिहासिक मस्जिद बताता है. इसी विवाद से जुड़े पूजा के अधिकार, सर्वे और अन्य कानूनी मुद्दों पर विभिन्न अदालतों में सुनवाई जारी है।