जिसे समझती थी फौजी, वो निकला पंचरवाला अरमान,पीड़िता बोली-आतंकियों की कहानी सुना मांगे पैसे, कई बार ऑनलाइन ₹ मंगाये, FIR दर्ज.
Muzaffarpur crime news: बिहार के मुजफ्फरपुर से ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 21 साल की युवती ने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर दोस्ती करने वाले युवक ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताकर उसका विश्वास जीता, शादी का वादा किया और फिर अलग-अलग बहाने बनाकर उससे पैसे ऐंठता रहा। बाद में पता चला कि आरोपी न तो सेना में है और न ही अविवाहित, बल्कि वह साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करता है और पहले से शादीशुदा है, और इस मामले में सदर थाना पुलिस ने आरोपी मो.अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सकरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2026 में फेसबुक पर मो. अरमान की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध बन गए. युवती का आरोप है कि शुरुआत से ही आरोपी ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया और शादी का भरोसा दिलाया।
युवती के अनुसार, पहली मुलाकात से पहले आरोपी ने सेना के जवानों जैसी हेयरकट कराई और कमांडो जैसी वर्दी पहनकर उससे मिलने पहुंचा। इतना ही नहीं, वाट्सएप वीडियो कॉल के दौरान भी वह सेना की वर्दी और हथियार के साथ नजर आता था, जिससे युवती को उस पर पूरा भरोसा हो गया।
पाकिस्तान बॉर्डर और आतंकियों की कहानी सुनाकर मांगे पैसे
शिकायत के मुताबिक, आरोपी समय-समय पर अलग-अलग कहानियां बनाकर आर्थिक मदद मांगता रहा। कभी वह खुद को पाकिस्तान सीमा पर तैनात सैनिक बताता, तो कभी आतंकियों के कब्जे में फंसे होने का दावा कर तत्काल पैसे भेजने की गुहार लगाता. युवती ने उसकी बातों पर विश्वास कर कई बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए।
सच्चाई सामने आते ही टूटा भरोसा
कुछ समय बाद युवती को जानकारी मिली कि मो. अरमान भारतीय सेना में कार्यरत नहीं है। जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि वह साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करता है और पहले से शादीशुदा भी है. यह जानकारी मिलने के बाद युवती ने आरोपी से जवाब मांगा और अपने साथ हुए कथित धोखे का विरोध किया।
विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि वह अपनी मां और चाचा के साथ आरोपी के घर पहुंची तो वहां आरोपी और उसके परिजनों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और हथियार दिखाकर जान से मारने तथा वहीं दफना देने की धमकी दी गई। हालात बिगड़ने पर युवती ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से सहायता मांगी।
पुलिस को सौंपे डिजिटल सबूत, छह लोगों पर केस
युवती ने पुलिस को आरोपी की कथित सेना की वर्दी और हथियार वाली तस्वीरें, वाट्सएप वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। सदर थाना में मो. अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।