Success Story: न नौकरी चली, न पहला बिजनेस...फिर भी हार नहीं मानी, आज ₹75 करोड़ कमाने वाली कॉफी कंपनी का मालिक...
तमिलनाडु, न्यूज। तमिलनाडु के रहने वाले प्रसन्ना वेंकटेश की कहानी काफी संघर्षभरी है। एक समय ऐसा था जब उनके पास कॉलेज की फीस चुकाने तक के पैसे नहीं थे। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने भारत की सबसे तेजी से बढ़ती कॉफी चेन मद्रास कॉफी हाउस (Madras Coffee House) खड़ी कर दी, जिसका सालाना कारोबार आज 75 करोड़ रुपये का है।
करना पड़ा कड़ा संघर्ष
प्रसन्ना का जन्म मदुरै के एक साधारण परिवार में हुआ था। साल 2004 में उन्होंने कॉलेज में दाखिला तो ले लिया, लेकिन फीस भरना उनके लिए एक बड़ा संघर्ष था। जेब खर्च चलाने के लिए उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर एक छोटी कैंटीन शुरू की, पर वह चल नहीं पाई। इसके बाद उन्होंने 4500 रुपये महीने की नौकरी की और इंश्योरेंस व रियल एस्टेट में भी हाथ आजमाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
तभी उनकी मुलाकात चेन्नई के एक बड़े रेस्टोरेंट के मालिक एम. कुमारवेलन से हुई। कुमारवेलन ने प्रसन्ना के भीतर बिजनेस करने की तड़प को देखा और उन्हें अपने होटल के पास एक छोटा सा नींबू सोडे (लेमन सोडा) का स्टॉल लगाने का मौका दिया।
6 लाख रुपये से बदला भाग्य
सोडे की दुकान के बाद दोनों ने मिलकर कुछ बड़ा करने की सोची। साल 2010 में दोनों ने 6 लाख रुपये लगाकर चेन्नई के एक मॉल में मद्रास कॉफी हाउस का पहला आउटलेट खोला। इन पैसों में से 2 लाख रुपये प्रसन्ना ने लोन लिया था और 4 लाख रुपये कुमारवेलन ने अपनी बचत से लगाए थे।
उस समय दक्षिण भारत में अच्छी फिल्टर कॉफी सिर्फ बड़े और महंगे रेस्टोरेंट में मिलती थी या फिर छोटे ढाबों पर नाश्ते के साथ। प्रसन्ना ने इसी कमी को समझा और लोगों को कम दाम में बेहतरीन प्रीमियम फिल्टर कॉफी देना शुरू किया।
आज कितना बड़ा हुआ कारोबार?
चेन्नई के एक आउटलेट से शुरू हुआ यह सफर आज 180 आउटलेट्स तक पहुंच चुका है। भारत के साथ-साथ अब मलेशिया और श्रीलंका में भी इसके आउटलेट हैं। यह ब्रांड हर दिन लगभग 50,000 कप कॉफी बेचता है।
इसकी शुरुआत सिर्फ 5 कर्मचारियों से हुई थी, लेकिन आज कंपनी में 370 सीधे और 1,000 से ज्यादा फ्रेंचाइजी कर्मचारी काम करते हैं। कुल 180 दुकानों में से 40 दुकानें कंपनी खुद चलाती है और बाकी फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलती हैं। अब यहां कॉफी के साथ-साथ नूडल्स जैसे 40 से 50 तरह के प्रोडक्ट्स भी मिलते हैं।