Headlines
Loading...
मुंबई:करीब 10 प्रतिशत हिस्से यानी पूरे 3,400 एकड़ पर अकेले गोदरेज समूह का है मालिकाना हक, अंबानी परिवार से भी ज्यादा है अमीर...

मुंबई:करीब 10 प्रतिशत हिस्से यानी पूरे 3,400 एकड़ पर अकेले गोदरेज समूह का है मालिकाना हक, अंबानी परिवार से भी ज्यादा है अमीर...

महाराष्ट्र, न्यूज। सपनों का शहर मुंबई अपने महंगे रियल एस्टेट और ऊंची-ऊंची इमारतों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. जब भी मुंबई के सबसे अमीर लोगों या संपत्तियों की बात होती है, तो लोगों के ध्यान में बड़े उद्योगपतियों के नाम आते हैं। लेकिन जमीन की मिल्कियत के मामले में एक ऐसा भारतीय कारोबारी घराना सबसे आगे है, जिसकी संपत्ति के आगे बड़े-बड़े दिग्गज भी पीछे छूट जाते हैं. यह घराना कोई और नहीं, बल्कि देश का जाना-माना गोदरेज परिवार है।

जमीन के बड़े हिस्से पर एक परिवार का अधिकार

वित्तीय आंकड़ों और भौगोलिक सर्वेक्षणों के अनुसार, मुंबई शहर का कुल क्षेत्रफल लगभग 1 लाख एकड़ में फैला हुआ है. हालांकि, इसमें से केवल 34,000 एकड़ भूखंड ही इंसानों के रहने और निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त माना गया है. आश्चर्यजनक सच यह है कि इस रहने योग्य जमीन के करीब 10 प्रतिशत हिस्से यानी पूरे 3,400 एकड़ पर अकेले गोदरेज समूह का मालिकाना हक है. उपभोक्ता सामान, कृषि उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने वाले इस ग्रुप ने मुंबई की धरती पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 30 लाख रुपये में तय हुई डील

गोदरेज समूह की इस विशाल संपत्ति की नींव द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद पड़ी थी. गोदरेज इंडस्ट्रीज के चेयरमैन आदि गोदरेज के दादा और समूह के दूरदर्शी संस्थापक पिरोजशा बुर्जोरजी गोदरेज ने उस दौर की आर्थिक स्थितियों को भांप लिया था। 

युद्ध समाप्त होने के बाद जब वैश्विक स्तर पर जमीनों के दाम भारी गिरावट पर थे, तब पिरोजशा ने तात्कालिक ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार से बॉम्बे (अब मुंबई) में 3,000 एकड़ का विशाल टुकड़ा मात्र 30 लाख रुपये की मामूली रकम में खरीद लिया। इसके बाद उन्होंने 400 एकड़ जमीन और खरीदी, जिससे उनकी कुल संपत्ति 3,400 एकड़ हो गई।

विक्रोली की प्राइम लैंड की विशाल बाजार कीमत

गोदरेज परिवार के इस 3,400 एकड़ के विशाल भूखंड में से लगभग 1,800 एकड़ क्षेत्र में मैंग्रोव (सदाबहार समुद्री वन) फैले हुए हैं. पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत इस क्षेत्र में किसी भी तरह के व्यावसायिक या आवासीय निर्माण पर सख्त पाबंदी है. इसके बावजूद, मुंबई के विक्रोली इलाके में स्थित गोदरेज के 1,000 एकड़ के विकास योग्य प्लॉट की अनुमानित कीमत आज 4,35,000 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी जाती है. यह विशाल रकम गोदरेज ग्रुप की चारों शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के कुल बाजार मूल्य से करीब चार गुना ज्यादा है।

अन्य महानगरों में फैला रियल एस्टेट कारोबार

गोदरेज परिवार की यह रियल एस्टेट संपत्ति केवल आर्थिक राजधानी मुंबई तक सीमित नहीं है. देश के अन्य प्रमुख और तेजी से बढ़ते महानगरों में भी गोदरेज ग्रुप के पास बेशकीमती प्राइम लैंड मौजूद है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में समूह के पास बड़े भूखंड हैं. इन जमीनों पर गोदरेज समूह की रियल एस्टेट शाखा गोदरेज प्रॉपर्टीज भव्य आवासीय सोसायटियों और आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण करती है, जो देश के अग्रणी बिल्डरों में गिनी जाती है।