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शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ श्रावण मास, 34 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए सुरक्षित दर्शन

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ श्रावण मास, 34 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए सुरक्षित दर्शन

भुवनेश्वर, न्यूज। ओडिशा में पवित्र श्रावण मास के दौरान राज्य के विभिन्न प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा, सुगम यातायात और भीड़ के व्यवस्थित प्रबंधन के लिए ओडिशा पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।

श्रावण मास के चारों सोमवार के दौरान राज्य के 35 पुलिस जिलों के 452 प्रमुख शिव मंदिरों में 34 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सुरक्षित दर्शन किए।

श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में सुरक्षा, भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। पूरे श्रावण मेले के दौरान किसी भी स्थान पर बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या या भगदड़ जैसी कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई।

इस वर्ष श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शिव मंदिरों में आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल तैनात किया गया था। बलांगीर, बालेश्वर और कोरापुट सहित विभिन्न जिलों के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। 

केंद्रीय रेंज, कटक के अंतर्गत आने वाले लोकनाथ देव, जोड़लिंग शिव, बालिकपिलेश्वर और धवलेश्वर जैसे प्रमुख शिवपीठों में भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। राज्य के विभिन्न पुलिस रेंजों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

प्रत्येक श्रावण सोमवार से पहले कमिश्नरेट पुलिस और जिला पुलिस द्वारा अग्रिम यातायात परामर्श जारी किए गए। रविवार शाम से सोमवार दोपहर तक संभावित भीड़ का आकलन करते हुए संवेदनशील इलाकों में आवश्यक यातायात प्रतिबंध लागू किए गए।

गड़गड़िया घाट और मधुसूदन सेतु जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। साथ ही, आपातकालीन वाहनों की आवाजाही निर्बाध रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रमुख मंदिरों में अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष क्राउड कंट्रोल टीमों और क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRTs) को तैनात किया गया था। पुलिसकर्मियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे।

प्रमुख शिवपीठों में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा एवं सहायता व्यवस्था की गई थी। नदी और अन्य जलस्रोतों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।

मंदिरों के सेवायतों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता दी गई। भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को मंदिरों तक सुरक्षित पहुंचाने और दर्शन के बाद व्यवस्थित तरीके से वापस भेजने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए।

श्रावण मेले के संचालन के लिए निर्धारित प्रबंधन व्यवस्था का पालन किया गया। विभिन्न स्तरों पर कई समन्वय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई।अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच लगातार संपर्क तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान से पूरे श्रावण मास के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सका।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने कहा कि सुविचारित योजना, विभिन्न पुलिस रेंजों के बीच बेहतर समन्वय और श्रद्धालुओं के सहयोग के कारण श्रावण मास शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

उन्होंने इस पूरे अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने वाले सभी पुलिस रेंज के अधिकारियों, पुलिस जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) और उनकी पूरी टीम की सराहना की।

34 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित उपस्थिति और बिना किसी बड़ी कानून-व्यवस्था संबंधी घटना के श्रावण मास का संपन्न होना राज्य पुलिस की व्यापक सुरक्षा योजना, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को दर्शाता है।