हस्तशिल्प बहुरंगी अग्रसेन सावन मेले में भारतीय संस्कृति के विभिन्न 80 स्टालों पर बनारसी साड़ी से लेकर खानपान तक सजे...
वाराणसी, न्यूज 8अगस्त। हस्तशिल्प बहुरंगी अग्रसेन सावन मेले में भारतीय संस्कृति के विविध आयाम देखने को मिला। यह नारी सशक्तीकरण और उनकी उद्यमशीलता का अनुपम उदाहरण रहा। इसमें सजे 80 स्टालों पर बनारसी साड़ियां-सूट दिखे तो कोलकाता के कलात्मक सूती कपड़ों और मऊ की आकर्षक चूड़ियों ने लोगों का ध्यान खींचा।
काशी के व्यंजन, ब्रांडेड और फैंसी गहने, हैंडमेड राखियां, जन्माष्टमी के लिए कढ़ाईयुक्त भगवान श्रीकृष्ण के वस्त्र, खिलौने, बुटीक, मेहंदी और मेकअप उत्पादों ने संदेश दिया-'आज की नारी किसी से कम नहीं हैं।'
कबीरचौरा रोड स्थित सरोजा पैलेस में शनिवार को मुख्य अतिथि पूर्वोत्तर रेलवे मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष और डीआरएम आशीष जैन की पत्नी वानी जैन ने हस्तशिल्प बहुरंगी अग्रसेन सावन मेले का उद्घाटन किया।उन्होंने आयोजन के लिए श्री काशी अग्रवाल समाज और श्री अग्रसेन महिला समिति की सराहना की। कहा कि आज नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। ऐसे आयोजनों से वह आत्मनिर्भर बन रही है।
श्री काशी अग्रवाल समाज के पदाधिकारी संतोष अग्रवाल ने कहा कि मेले में भारतीय संस्कृति के विविध आयाम दिखे। आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाइयों के स्टाल से पता चला कि नारियां किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इसमें पांच चैरिटी स्टाल लगाए गए।
मेला संयोजक का वक्तव्य
मेला संयोजक अर्चना अग्रवाल ने मेले के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाना मुख्य उद्देश्य है। इससे उनके उत्पादों को बाजार मिलेंगे। वे आत्मनिर्भर बनेंगी। उद्घाटन के अवसर पर शशिबाला शाह, बृजकमल दास अग्रवाल, मालिनी चौधरी, रीता प्रकाश, रचना अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, अविनाश अग्रवाल उपस्थित थे।