Headlines
Loading...
नींद की गोली खिलाकर मूसल से सिर कुचला, लाश यमुना किनारे फूंक दी, मथुरा की नैना ने अपने पति को क्‍यों मारा?, जानें...

नींद की गोली खिलाकर मूसल से सिर कुचला, लाश यमुना किनारे फूंक दी, मथुरा की नैना ने अपने पति को क्‍यों मारा?, जानें...

मथुरा, क्राइम न्यूज। इंदौर की सोनम, मेरठ की मुस्कान और आगरा की रूही- रिश्तों को शर्मसार करने वाले इन नाम की लिस्‍ट में अब मथुरा की नैना का नाम भी जुड़ गया है। बेटी के अफेयर में रोड़ा बने पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने खौफनाक पटकथा लिख दी। नशीला दूध पिलाया। लोहे की मूसल से सिर कुचला। फिर बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर लाश को यमुना घाट पर फूंक दिया। 3 महीने तक चले इस सस्पेंस का राज आखिर खुल ही गया।

जयसिंहपुरा (राधा कृष्ण वाटिका ) में रहने वाले मनोज सोनी अपनी छोटी बेटी के प्रेम संबंधों का विरोध कर रहे थे। यह बात पत्नी नैना और बेटी को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने मनोज को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इस साल 18 अप्रैल की रात घर में विवाद हुआ। इसके बाद योजना के तहत मनोज को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया गया। जैसे ही मनोज अचेत हुए, आरोपियों ने रसोई से लोहे की भारी मूसल उठाई और मनोज के सिर पर ताबड़तोड़ बार कर उनकी जीवन लीला समाप्त कर दी।

स्‍कूटी से शव जंगल में ले गए

हत्या के बाद जो हुआ वह किसी क्राइम थ्रिलर मूवी से कम नहीं था। नैना की बेटी और उनके प्रेमी ने मनोज के शव को एक कंबल में लपेटा। फिर शव को स्कूटी पर बीच में रखकर रात के अंधेरे में यमुना किनारे घाट के पास जंगलों में ले गए। सबूत मिटाने और पहचान छुपाने की नीयत से दोनों ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़का और आग लगा दी।

शक होने पर भाई ने दर्ज कराया केस

वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर नैना 21 अप्रैल को खुद गोविंद नगर थाने पहुंची और पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अगले ही दिन उसने नाटक करते हुए अर्जी वापस ले ली। परिजनों को जब शक हुआ तो मनोज के भाई रामबाबू ने 9 मई को पुलिस में मामला दर्ज कराया। जब पुलिस की हलचल बढ़ी तो 7 जून को नैना अपनी बेटी को लेकर घर में ताला बंद कर रातों-रात फरार हो गई। मामला मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचा जिसके बाद पुलिस ने खोजबीन तेज की।

पिता ने कड़ाई की तो हिम्‍मत हार बैठी नैना

पुलिस की तफतीश जैसे-जैसे करीब पहुंची, नैना घबरा कर अपने मायके चली गई। जब उसके पिता ने कड़ाई से पूछताछ की तो नैना हिम्मत हार बैठी और रो-रोकर पूरी खौफनाक दास्तान उगल दी। पिता ने बिना देर किए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दे दी।

जला हुआ कंबल और कपड़े बरामद

कबूलनामे के बाद पुलिस टीम फॉरेंसिक एक्सपटर्स और डॉग स्क्वाड के साथ अक्रूर घाट पहुंची। यमुना में पानी बढ़ा होने के कारण पूरा शव तो नहीं मिला लेकिन जला हुआ कंबल, मनोज के जलाए गए कपड़े और दस्तावेजों की राख बरामद कर ली। पुलिस ने आरोपी पत्नी नैना, उसकी बेटी और बेटी के प्रेमी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।