प्रयागराज में गंगा-यमुना का बढ़ा जलस्तर, संगम तट बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी; तटवर्ती इलाकों में अलर्ट...
प्रयागराज, न्यूज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि के बीच संगम क्षेत्र स्थित लेटे बड़े हनुमान मंदिर में गंगा का पानी पहुंच गया। रविवार भोर करीब 3:45 बजे गंगा का पानी मंदिर परिसर में पहुंचा और लेटे बड़े हनुमान जी को स्नान कराया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगा मैया अपने पुत्र हनुमान जी को स्नान कराने आती हैं। वहीं दूसरी ओर नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रयागराज में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया है और NDRF, SDRF तथा जल पुलिस की रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है।
भोर में मंदिर तक पहुंचा गंगा का पानी
संगम क्षेत्र के बंधवा स्थित लेटे बड़े हनुमान मंदिर में रविवार भोर करीब 3:45 बजे गंगा का पानी पहुंचा। पानी बढ़ने के साथ लेटे बड़े हनुमान जी का विग्रह गंगा के जल से स्नान कर गोद में समा गया।
धार्मिक मान्यता है कि गंगा मैया अपने पुत्र हनुमान जी को स्नान कराने के लिए मंदिर तक आती हैं। मान्यता के अनुसार, जितने दिनों तक हनुमान जी गंगा के जल में रहते हैं, उसे दक्षिणमुखी लेटे बड़े हनुमान जी की जल विश्राम अवस्था माना जाता है। इस दौरान भी पूजा-अर्चना जारी रहती है।
बताया गया कि पिछले वर्ष 15 जुलाई को गंगा का पानी पहली बार लेटे बड़े हनुमान जी तक पहुंचा था। इसके बाद भी कई बार ऐसा हुआ। इस बार अगस्त के अंत में गंगा का पानी मंदिर तक पहुंचा है।
12 घंटे में गंगा-यमुना के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी
उधर, प्रयागराज में पिछले 12 घंटों के दौरान गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। नैनी में यमुना का जलस्तर करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ा और कुल 0.60 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
फाफामऊ में गंगा का जलस्तर करीब 4.42 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ा और कुल 0.53 मीटर की वृद्धि हुई। छतनाग में भी करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से जलस्तर बढ़ा और कुल 0.36 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
जिला प्रशासन के अनुसार, 30 अगस्त की सुबह आठ बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 81.740 मीटर, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.56 मीटर और छतनाग में 81.05 मीटर दर्ज किया गया। एसटीपी बक्सी बांध पर गंगा का जलस्तर 81.74 मीटर रहा।
हालांकि गंगा और यमुना अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से करीब तीन मीटर नीचे हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
टोन्स नदी में भी तेजी से बढ़ा पानी
प्रयागराज में बाढ़ की चिंता केवल गंगा और यमुना तक सीमित नहीं है। सहायक नदियों में भी जलस्तर बढ़ रहा है। टोन्स नदी में कोहड़ार घाट पर पिछले 14 घंटों में करीब 20.92 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से जलस्तर बढ़ा और कुल 2.52 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
बताया गया कि पिकअप वियर से बेलन नदी में 61,785 क्यूसेक पानी छोड़े जाने और मध्य प्रदेश के सतना व टोन्स नदी के कैचमेंट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण टोन्स नदी का जलस्तर बढ़ा है।
टोन्स नदी अब खतरे के स्तर से करीब 1.50 मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में और वृद्धि की आशंका को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्र के लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।अगले तीन-चार दिनों में दिख सकता है असर
प्रशासन के मुताबिक आसपास के ऊपरी क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर और बारिश की स्थिति का असर अगले तीन से चार दिनों में प्रयागराज में दिखाई दे सकता है।
बेलन नदी में भी नदौरा पर पिछले 12 घंटे में करीब 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से जलस्तर बढ़ा और कुल 0.84 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं हमीरपुर, बांदा और कानपुर में कुछ नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। कानपुर बैराज से 30 अगस्त सुबह आठ बजे 3,53,607 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जो पिछले दिन शाम आठ बजे के मुकाबले कम था।
NDRF-SDRF और जल पुलिस हाई अलर्ट पर
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और बाढ़ राहत से जुड़े विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
NDRF, SDRF, जल पुलिस और PAC के जवानों की रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रयागराज तीन तरफ से नदियों से घिरा है। दक्षिण में यमुना और उत्तर व पूरब की ओर गंगा का प्रवाह है। ऐसे में जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने पर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहर के कई मोहल्लों पर भी बाढ़ का असर पड़ सकता है।