वाराणसी का वह क्षेत्र जहां आजादी के बाद भी चकरोड नहीं है नसीब, कीचड़ भरे राह से स्कूल जाने को मजबूर हैं बच्चे...
वाराणसी, बड़ागाँव न्यूज। विकास खण्ड के ग्राम सभा गजापुर स्थित दलित बस्ती में आजादी के बाद भी चकरोड मार्ग की सुविधा से वंचित है बस्ती के लोग। बारिश होते ही बस्ती तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और पानी से लबालब भर जाता है।हालात यह हैं कि स्कूली बच्चों को इसी कीचड़ भरे रास्ते या नीजी बाग में जलभराव और कीचड़ से भरे कठिन राहों से जाना होता है, साथ जहरीले जीव- जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद नन्हे बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर खेतों की मेड़ से होकर स्कूल पहुंचने को बाध्य होते हैं।
बारिश में दलदल बन जाता है रास्ता, कीचड़ से होकर स्कूल जाते हैं बच्चे
वही ग्रामीणों के मुताबिक बस्ती तक पहुंचने के लिए कोई सुगम सरकारी चकरोड नहीं है। बरसात के दिनों में रास्ते पर पानी और कीचड़ भरने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों के कीचड़ से होकर स्कूल जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं बस्ती में रास्ता न होने के वावत सरकारी नाली पर बस्ती के ही कुछ लोगों द्वारा लगाया कब्जा किये जाने का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान पति संतोष सिंह ने बताया कि दलित बस्ती के मौजे तक पहुंचने के लिए कहीं से भी सरकारी चकरोड उपलब्ध नहीं है। बस्ती तक जाने के लिए एकमात्र विकल्प सरकारी नाली है, जिस पर बस्ती के ही कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने के कारण चकरोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है। यदि नाली कब्जा मुक्त हो जाए तो हम आज ही उसपर रास्ता बनवा दूं।
संतोष सिंह ने बताया कि बस्ती तक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा हूं नाली कब्जा की शिकायत में कई बार अधिकारियों से किया पर किसी ने भी बच्चों के हित में कोई कार्यवाही का आदेश दिया मैं चाह कर भी बच्चों के लिए रास्ता नही बनवा पा रहा हूं। यदि उच्चाधिकारियों द्वारा समय रहते सरकारी नाली से अतिक्रमण हटवा दिया जाए तो हम उसी नाली मार्ग से बस्ती तक आने जाने के लिए रास्ते का निर्माण करा सकता हूं।
वही ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके का स्थलीय जांच कराकर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने और बस्ती तक स्थायी सड़क का निर्माण कराने की मांग किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से बच्चों सहित पूरे बस्ती को बरसात में आवागमन की समस्या से राहत मिल सकेगी।