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UP Floods: वाराणसी में गंगा में धीमी गति से बढ़ाव फिर शुरू, प्रयागराज में भी गंगा के बढ़ने का क्रम जारी...

UP Floods: वाराणसी में गंगा में धीमी गति से बढ़ाव फिर शुरू, प्रयागराज में भी गंगा के बढ़ने का क्रम जारी...

वाराणसी/प्रयागराज न्यूज। वाराणसी के गंगा नदी में सावन के अंतिम दिन शुक्रवार से फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई। हालांकि रफ्तार काफी धीमी है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक दो घंटे में एक सेमी का बढ़ाव है। यह वृद्धि गंगा के लगातार छह दिन घटने के बाद शुरू हुई है। आपदा विभाग की मानें तो इस हफ्ते में पूर्वांचल सहित ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

प्रयागराज में ढाई सेमी प्रति घंटा की गति से गंगा बढ़ रही थीं। एक हफ्ते से गंगा का जलस्तर नीचे जाने से तटवर्ती इलाकों में काफी राहत मिली है। पक्के घाटों से बाढ़ का पानी उतरने से लोग निश्चिंत हो चले थे कि शुक्रवार दोपहर से बढ़ाव शुरू होने से चिंता फिर बढ़ गई है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 67.76 मीटर था। बढ़ाव की रफ्तार 0.5 सेमी प्रति घंटा थी।

अगले 24 घंटे तक पानी बढ़ने की संभावना है। गंगा में बढ़ाव से घाटों की दिनचर्या अब भी अस्त-व्यस्त है। सभी घाटों का सम्पर्क टूटा हुआ है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती प्रबंधन कमेटी के कार्यालय की छत पर हो रही है। वहीं, वरुणा किनारे के लिए लोगों के लिए गंदगी और बदबू से निपटना एक बड़ी चुनौती है।

गंगा-यमुना के जलस्तर पर निगरानी, बाढ़ के आसार कम

वन बीतने के बाद गंगा के जलस्तर और पीछे से छोड़े जा रहे पानी की स्थिति को देखकर प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस तो ली है, लेकिन अगर बारिश हुई तो मुसीबत से इनकार नहीं कर सकते। इस बार समस्या यमुना के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी से हो सकती है। हालांकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि यमुना का जलस्तर एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ेगा, लेकिन अगर बारिश ज्यादा हुई तो बढ़ता जलस्तर घरों की ओर रुख कर सकता है।

सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि हरिद्वार से लगभग ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो सामान्य प्रक्रिया है। इसके कानपुर बैराज तक और फिर प्रयागराज आने तक यहां का जल आगे निकलेगा, ऐसे में जलस्तर की बढ़ोतरी बहुत अधिक होने की आशंका नहीं है। लेकिन यमुना के तटीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण इसके जलस्तर में अभी बढ़ोतरी की बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।

शुक्रवार शाम चार बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 79.95 मीटर रिकार्ड किया गया, दोपहर 12 बजे की तुलना में इस समय 28 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन दिग्विजय शुक्ल का कहना है कि बाढ़ के आसार नहीं हैं।