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बनारस में घर बनाना हुआ आसान, 1004 घरों के सपनों को 'आनंद काशी' में मिलेगी जमीन, गेटेड सिटी का पंजीकरण होगा जल्द...

बनारस में घर बनाना हुआ आसान, 1004 घरों के सपनों को 'आनंद काशी' में मिलेगी जमीन, गेटेड सिटी का पंजीकरण होगा जल्द...

वाराणसी, न्यूज। काशी की संस्कृति और आधुनिक शहर की सुविधाओं को एक ही परिसर में उतारने की महत्वाकांक्षी योजना 'आनंद काशी' अब अपने अगले पड़ाव पर पहुंच गई है। कल्लीपुर में विकसित की जा रही इस गेटेड सिटी के रेरा अनुमोदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अगले सप्ताह से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की प्रगति और पंजीकरण शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। करीब 4,56,398.69 वर्गमीटर में विकसित हो रही आनंद काशी के पहले चरण में 1,004 आवासीय प्लाट होंगे।

इनके अलावा तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, एक शैक्षणिक, एक हेल्थकेयर, एक कम्युनिटी सेंटर और दो यूटिलिटी भूखंड प्रस्तावित हैं। आवासीय प्लाट72, 162, 200और 288 वर्गमीटर के आकार में होंगे। टाउनशिप में 9, 12, 18 और 24 मीटर चौड़ी सड़कें विकसित की जा रही हैं।

काशी की पहचान को टाउनशिप की डिजाइन में भी उतारने की तैयारी है। करीब दो हेक्टेयर यानी 4.94 एकड़ में केंद्रीय पार्क विकसित होगा। पार्क के बीच नटराज की भव्य प्रतिमा और फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा होगा।

इसके आसपास ओपन लान, एम्फीथिएटर, बच्चों का प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, वरिष्ठ नागरिक जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक और पैदल पथ होंगे। पार्क के चारों तरफ पैदल-अनुकूल मार्केट प्लाजा और चार प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार भी प्रस्तावित हैं।

योजना की बाउंड्री के पास करीब 3.71 एकड़ में मियावाकी वन विकसित किया जाएगा। टाउनशिप में न्यूनतम 15 प्रतिशत क्षेत्र हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली और वर्षाजल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास भी विभिन्न चरणों में चल रहा है।

वीडीए के मुताबिक करीब 30 वर्षों के बाद काशी की थीम पर विकसित की जा रही यह पहली समेकित गेटेड सिटी (एक ऐसा सुरक्षित और सुनियोजित आवासीय क्षेत्र जिसके चारों तरफ दीवार या बाड़ लगी होती है और आने-जाने के लिए सीमित प्रवेश द्वार होते हैं।) होगी। रेरा अनुमोदन के बाद पंजीकरण शुरू होने से इस परियोजना को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा भी खत्म होने की उम्मीद है।