बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में अराजकता चरम पर,घायल छात्र 12 घंटे कराहता रहा, नहीं पसीजे डॉक्टर !! रविवार शुरू हुआ ईलाज...
वाराणसी, न्यूज। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में खुले आम अराजकता चरम पर है। शनिवार रात हादसे में बुरी तरह घायल बिड़ला हॉस्टल (सी ब्लॉक) के छात्र रामजी पासवान का इलाज करीब 12 घंटे बाद जाकर रविवार सुबह शुरू हुआ। उन्हें 29 टांके लगाए गए हैं।
उनके सहपाठियों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों से उनका इलाज जल्द शुरू करने की गुजारिश की तो उन्होंने न केवल उन्हें धमकाया बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। यही नहीं, उन्होंने बेड पर पड़े घायल छात्र को 'लावारिस' कहा। अफसरों की असंवेदनशीलता से छात्रों का धैर्य जवाब देने लगा। बहरहाल, उनके उग्र होने से पहले पुलिस पहुंचने से स्थिति संभल गई।
फ्रेंच विभाग में स्नातकोत्तर के छात्र रामजी पासवान शनिवार रात हादसे में बुरी तरह घायल हो गए। जानकारी होने पर सहपाठियों ने उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों की असंवेदनशीलता का हाल यह रहा कि उन्होंने उनका प्राथमिक इलाज भी नहीं किया। रविवार सुबह तक वह कराहते रहे। छात्रों के आग्रह के बाद भी उनकी मलहम-पट्टी नहीं की गई। और तो और, सुरक्षाकर्मी हाथापाई पर उतारू थे। किसी तरह मामला शांत होने पर उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें 29 टांके लगाए गए।
उधर, डॉक्टरों-छात्रों के बीच 'गरमागरमी' की सूचना पर बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अफसर ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने छात्रों की बात सुन उनके घायल सहपाठी का बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने के बजाय उन्हें धमकी दी।
यही नहीं, घायल छात्र राम को 'लावारिस' कहा। उन्होंने छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की। माहौल उग्र होने से पहले पुलिस पहुंच गई। इस बीच, छात्रावास के प्रशासनिक वार्डेन डॉ. सत्यप्रकाश पाल पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाकर शांत कराया।