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200 टन से अधिक वजनी वाला वेसल (वैक्यूम बायलर)मंगलवार को आठ घंटे मशक्कत के बाद भी बेसल डाफी टोल प्लाजा से आगे नहीं बढ़ा...

200 टन से अधिक वजनी वाला वेसल (वैक्यूम बायलर)मंगलवार को आठ घंटे मशक्कत के बाद भी बेसल डाफी टोल प्लाजा से आगे नहीं बढ़ा...

वाराणसी न्यूज, ब्यूरो शुभम् गुप्ता। बेल्जियम से समुद्री रास्ते ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल के लिए निकला 200 टन से अधिक वजनी वाला वेसल (वैक्यूम बायलर) मंगलवार को डाफी टोला प्लाजा के आगे नहीं बढ़ सका। डाफी टोल प्लाजा पर किनारे से बनाए गए वैकल्पिक मार्ग पर मिट्टी दलदल होने के चलते वेसल फंस गया। 

पांच घंटे मशक्कत कर टीम ने आगे बढ़ाया तो पिछला हिस्सा फिर जमीन में फंस गया। साथ चल रही तकनीकी टीम उसे निकालने के लिए प्रयासरत रही लेकिन शाम तक सफलता हाथ नहीं लगी। ऐसे में बुधवार को वेसल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। रास्ता सही नहीं मिलने के चलते चंदौली और बनारस के बीच में छह दिन से वेसल फंसा है। 

डाफी टोल प्लाजा से सात मीटर चौड़े और 30 मीटर लंबे वेसल को आगे बढ़ाने के लिए एक किनारे मिट्टी, गिट्टी, बोल्डर डालने के साथ सड़क बनाई गई थी। तकनीकी टीम ने परीक्षण करने के बाद सुबह निकालने का प्रयास किया गया।लेकिन उसका पहिया दलदल जमीन में धंस गया और पांच घंटे के प्रयास के बाद वह थोड़ा सा आगे बढ़ा लेकिन फिर धंस गया। तकनीकी टीम सड़क पर एक - एक कर लोहे की प्लेट लगाकर वेसल को निकालने का प्रयास कर रही थी। अधिक वजन होने के चलते वेसल का पहिया धंस जा रहा था। उसे निकालने के लिए करीब चार बजे क्रेन, दो जेसीबी और साथ में चल रहे हैवी मशीन वाले ट्रेलर से खींच रहे थे। लेकिन 50 मीटर की दूरी भी टीम को चुनौतीपूर्ण हो गई है।