'पहले से ही डर था, कुछ अनहोनी होगी..', 4 दिन पहले मनाया जन्मदिन, 12 को पसरा मातम: दिल्ली में गैंगवॉर की भेंट चढ़ा जिम ट्रेनर...
नईदिल्ली, न्यूज। घर में चार दिन पहले तक जन्मदिन की खुशियां थीं। 8 सितंबर को विजय का जन्मदिन था। विजय ने पत्नी रितु के साथ जन्मदिन मनाया था। पत्नी ने उसी दौरान विजय से कहा भी था कि पुरानी रंजिश को देखते हुए कुछ दिन के लिए वह कहीं और चले जाएं।उन्हें अनहोनी का डर जताया था, लेकिन विजय ने हमेशा की तरह उनकी बात को हल्के में लेते हुए कहा कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं है।
रितु ने रोते हुए बताया कि उन्हें क्या पता था कि जन्मदिन के महज 4 दिन बाद उनकी जिंदगी ही खत्म हो जाएगी। सोमवार सुबह करीब 4 बजे विजय रोज की तरह घर से जिम के लिए निकले। सुबह 8:30 बजे फोन पर बात हुई। विजय ने खाना बनाने के लिए कहा था। 10 बजे से पहले जब आखिरी बार बात हुई तो विजय ने कहा था कि वह हुक्का लेकर आ रहा है। इसके बाद वह इंतजार करती रहीं, लेकिन विजय घर नहीं लौटे।
पत्नी ने पहले ही जताया था अनहोनी का डर, विजय ने टाल दी थी बात
रितु के शब्दों में उस सुबह की आखिरी बातचीत अब जिंदगी भर की याद बन गई है। वह कहती हैं कि उन्हें पहले से डर था कि विजय के साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। उन्होंने विजय को कई बार समझाया भी था कि पुरानी दुश्मनी के चलते कहीं और चले जाएं, लेकिन विजय का जवाब हमेशा एक ही रहता था कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं है। वह कहते थे, 'जो बीच-बचाव में होगा, उनके साथ होगा, जो होना होगा।'पत्नी ने बताया, 4 दिन पहले ही मनाया था विजय का जन्मदिन
* 8 सितंबर को जन्मदिन की खुशियां, 12 सितंबर को घर में फैला मातम, वारदात के बाद इलाके के आसपास दहशत
हजार गज जमीन के विवाद में दोस्तों में 'गैंगवॉर'
फतेहपुर बेरी के आया नगर गांव में दो दोस्तों के बीच ऐसी दरार आई, जिसने गैंगवॉर का रूप ले लिया। जेल में बंद बदमाशों से लेकर विदेश में बैठे गैंगस्टर तक इस गैंगवॉर में कूद गए। विदेशी हथियारों से गोलियों की बौछार होने लगी। दिल दहला देने वाले हत्याकांड को अंजाम दिया जाने लगा। इस एक हजार गज के जमीन विवाद में अब तक तीन जाने जा चुकी है। गांव में तनाव है और संभावित हिंसा के मद्देनजर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टुकड़ी को तैनात कर दिया गया है।
जमीन विवाद में दोस्त बने दुश्मन
पुलिस अफसर बताते हैं कि आया नगर गांव के अरुण लोहिया और दीपक लोहिया में गहरी दोस्ती थी। दोनों साझे में प्रॉपर्टी का कारोबार भी करते थे। गांव में एक हजार गज जमीन को लेकर दोनों के बीच 2023 से विवाद शुरू हुआ। दोनों के बीच मारपीट भी हुई, जिसे पंचायत कर सुलझा लिया गया। इसके बावजूद दीपक ने अप्रैल 2024 में अपने साथियों के साथ अरुण की बुरी तरह पिटाई कर दी। दीपक और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास का केस दर्ज हुआ। अरुण पर गवाही नहीं देने का दबाव बनाया गया, जो नहीं माना। साकेत कोर्ट में चल रहे इस केस की सुनवाई के बाद अरुण 15 मई 2025 को अपने पिता रामवीर लोहिया के साथ स्कॉर्पियो से घर लौट रहा था। पुलिस का दावा है कि छतरपुर मेट्रो स्टेशन के करीब दीपक और उसके दोस्त योगेश ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अरुण को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर एक आरोपी अजय को भी अरेस्ट किया। अब 30 नवंबर 2025 को आया नगर गांव में ताबड़तोड़ 70 गोलियां बरसा कर आरोपी दीपक के पिता रतन लोहिया को छलनी कर दिया गया, जो अरुण की हत्या का बदला था।
जानलेवा जंग में जेल से लेकर विदेश में बैठे गैंगस्टर तक शामिल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रतन की हत्या का मास्टरमाइंड फरीदाबाद निवासी कमल अधाना था, जो अरुण का मामा है। कमल ने विदेश में बैठे गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया और जेल में बंद रणदीप भाटी से मदद लेकर हत्याकांड को अंजाम दिया। कमल समेत कुछ आरोपी अरेस्ट हुए। अब सोमवार सुबह जिम ट्रेनर विजय कुमार की सनसनीखेज हत्या को भी इसी गैंगवॉर से जोड़ा जा रहा है।