अमेठी हार को स्मृति ईरानी ने किया याद, बोलीं- कार्यकर्ता सोच रहे थे दीदी को सदमा लग गया...
भाजपा महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अमेठी में पिछले लोकसभा चुनाव में अपनी हार को याद किया। उन्होंने कहा कि फर्क सिर्फ इतना था कि 2019 की जीत के बाद लोग मुझे तलाश रहे थे, लेकिन 2024 में हारने के बाद कोई ढूंढ नहीं रहा था। ईरानी ने बताया कि रिजल्ट वाले दिन मैं अमेठी में अपने घर के मंदिर में गई। वहां प्रतिमा को देखकर मैंने कहा कि जो किया अच्छा किया। मुझे याद है कि मेरे बगल में खड़े कार्यकर्ता शॉक्ड थे और सोच रहे थे कि दीदी को सदमा पहुंच गया है। पता नहीं क्यों बहकी-बहकी बातें कर रही हैं। शाम के छह बज रहे थे तब।
स्मृति ईरानी ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इसके बाद मैंने अपने परिवार में फोन किया और दिल्ली जा रही थी। मैंने पिछले दस सालों में इतना काम किया था। इतना आसान नहीं होता है। मैंने अमेठी में अपनी जिंदगी के दस साल दिए। स्मृति ईरानी ने अमेठी में किए गए अपने विकास कार्यों को भी याद किया। उन्होंने यह भी कहा, ''मैं घर आई और किसी ने पूछा कि क्या धक्का लगा तो मैंने कहा कि नहीं मैंने यही किया था जब 2019 जीती थी, बस फर्क यह था कि 2019 में लोग मुझे तलाश रहे थे, लेकिन 24 में हार के बाद कोई नहीं ढूंढ रहा था।''
पूर्वी केंद्रीय मंत्री ने 2019 में राहुल गांधी को अमेठी सीट से हराते हुए बड़ा पलटवार किया था। उन्होंने उस घटना को भी याद किया और बताया कि 2019 में चुनावी नतीजों वाले दिन सुबह मैंने सबसे कहा कि सब जाओ काउंटिंग सेंटर, मैं अपने कमरे में ही रहूंगी। ईरानी ने कहा, ''मुझे पता था कि मैंने काम किया है, इसलिए जनता वोट करेगी। फिर शाम साढ़े चार बजे तक जब तक राहुल गांधी ने ऐलान किया तब तक मैं अपने घर से बाहर नहीं आई थी।''
उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कहा, ''मुझे याद है कि मैंने पूछा कि काउंटिंग हो गई तो मुझे बताया गया कि अभी नहीं हुई, रिकाउंट मांगा गया है। मैंने कहा कि ठीक है, जब तक लास्ट वोट काउंट होते हैं, तब तक हम लोग रुकेंगे। फिर रात 12 बजे वोट काउंट हुआ और फिर कार्यकर्ता को भेजा सर्टिफिकेट लेने के लिए।''
पीएम मोदी पर बात करते हुए इमोशनल हुईं ईरानी
इसी पॉडकास्ट में स्मृति ईरानी पीएम मोदी के बारे में बात करती हुईं इमोशनल हो गईं। उन्होंने पीएम मोदी को अपने पिता की उम्र का बताते हुए कहा कि अगर मेरे बाप के गिरेबान तक आपका हाथ पहुंचा तो मेरी गलती है। उन्होंने कहा, ''ये आदमी, जिनकी मां मर गईं, वंदे भारत को झंडा दिखाने चला गया दाह संस्कार के बाद। इन्होंने बड़ी सभा करके नेताओं को इकठ्ठा नहीं किया। मेरी पिता के उम्र के हैं। मेरे बाप के गिरेबान तक अगर आपका हाथ पहुंचा है तो ये मेरी गलती है।''