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वाराणसी में बाबा बटुक भैरव का हरियाली और जल विहार श्रृंगार, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़...

वाराणसी में बाबा बटुक भैरव का हरियाली और जल विहार श्रृंगार, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़...

धर्म और आस्था की नगरी काशी में सोमवार को प्राचीन श्री बाबा बटुक भैरव मंदिर, कमच्छा में विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर में बाबा बटुक भैरव का हरियाली एवं जल विहार श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बाल स्वरूप में स्वर्णमयी आसन पर विराजमान बाबा बटुक भैरव की मनमोहक झांकी ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशेष श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर को हरियाली, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। बाबा बटुक भैरव को जल विहार स्वरूप में सजाया गया, जिससे मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पहुंचने लगी और दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लंबी कतार लग गई।

पंचामृत से हुआ बाबा का अभिषेक

मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार बाबा बटुक भैरव का विधि-विधान से पूजन किया गया। पंचामृत से अभिषेक के बाद बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद भक्तों के लिए दर्शन खोले गए। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

मंदिर के पुजारियों ने बताया कि बाबा बटुक भैरव का यह विशेष श्रृंगार भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा बटुक भैरव अपने भक्तों की रक्षा करने वाले देवता माने जाते हैं। काशी में भैरव उपासना का विशेष महत्व है और बाबा बटुक भैरव के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर में गूंजे जयकारे

विशेष श्रृंगार के अवसर पर मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना की। मंदिर के बाहर लगी कतारों में भक्त अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था बनाए रखी गई, ताकि सभी भक्त आसानी से दर्शन कर सकें।

काशी में भैरव आराधना का विशेष महत्व

वाराणसी में भगवान भैरव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। बाबा काल भैरव को काशी का कोतवाल कहा जाता है, वहीं बाबा बटुक भैरव के बाल स्वरूप की पूजा भी श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है।

हरियाली और जल विहार श्रृंगार के अवसर पर मंदिर में भक्तों की आस्था और उत्साह देखने लायक रहा। बाबा बटुक भैरव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु खुद को धन्य महसूस करते नजर आए।