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देवरिया में सरयू नदी का रौद्र रूप, देवरहा बाबा आश्रम मार्ग डूबा, फसलें जलमग्न...

देवरिया में सरयू नदी का रौद्र रूप, देवरहा बाबा आश्रम मार्ग डूबा, फसलें जलमग्न...

भागलपुर, (देवरिया)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी बढ़ने से देवरहा बाबा आश्रम जाने वाला मार्ग दूसरी बार बाढ़ के पानी में डूब गया। इससे आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई और कई लोग बिना दर्शन किए लौट गए।

छित्तूपुर रेगुलेटर पर नदी का दबाव बढ़ने से जमुआर नाले का पानी भी नदी में नहीं गिर पा रहा है। नाला उफनाने से आसपास के गांवों में पानी फैल गया है और सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।

पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के साथ बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शनिवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 64.420 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 41 सेंटीमीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग, तुर्तीपार के अनुसार पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा है।

नदी का पानी हर दो-तीन घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। छित्तूपुर रेगुलेटर पर नदी का दबाव बढ़ने से जमुआर नाले का बरसाती पानी नदी में नहीं गिर पा रहा है। इससे नाला उफना गया है और ईशारु, देवसिया, गोड़वली समेत आसपास के गांवों में पानी फैल गया है। इससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।

जलस्तर में वृद्धि के कारण भागलपुर, देवसिया, नरियांव, मईल, मईलौटा, तेलियां कला, बलिया उत्तर, बलिया दक्षिण, सहियांगढ़, तकिया, धरहरा और आदर्श नगर समेत तटवर्ती गांवों के लोग आशंकित हैं।बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरयू समेत जिले की सभी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं।