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आज गोरखपुर के राजघाट पर गुंबद ढहने से अधिवक्ता की मौत-एक गंभीर, सीएमओ समेत स्वास्थ्यकर्मियों पर केस, सीएम ने लिया संज्ञान...

आज गोरखपुर के राजघाट पर गुंबद ढहने से अधिवक्ता की मौत-एक गंभीर, सीएमओ समेत स्वास्थ्यकर्मियों पर केस, सीएम ने लिया संज्ञान...

गोरखपुर, न्यूज। जिले में राजघाट के राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को गुंबदनुमा छत का स्लैब गिरने से मलबे की चपेट में आकर दो अधिवक्ता घायल हो गए, एक की अस्पताल में मौत हो गई जबकि दूसरे गंभीर हैं। दोनों अधिवक्ता अंतिम संस्कार में शामिल होने घाट पर गए थे। हादसे की वजह आकाशीय बिजली बताई जा रही है। इस मामले में एंबुलेंस पहुंचने और इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता की पत्नी की तरफ से दी गई तहरीर पर स्वास्थ्यकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीएमओ को भी इसमें आरोपी बनाया गया है।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार के लिए चार लाख रुपये मदद की घोषणा की है। जरूरत पर मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं डीएम ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं。

मेडिकल कॉलेज ले जाते समय आलोक की मौत

जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना की मौत हो गई। वहीं शक्तिनगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह को गंभीर चोट आने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। दोनों अधिवक्ता अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने घाट पहुंचे थे। आलोक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए।

अस्पताल में तैनात की गई पुलिस

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने राहत-बचाव कार्य में सहयोग करने के साथ ही घटनास्थल और जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। अधिवक्ताओं की भीड़ जुटने के बाद अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने परिजनों और अधिवक्ताओं से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया।

डीएम ने दिए जांच के निर्देश

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आकाशीय बिजली गिरने के बाद गुंबदनुमा बैठने वाले स्थान का स्लैब गिरने की बात सामने आई है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण कर संरचना की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। घाट परिसर में बनी अन्य ऐसी संरचनाओं की मजबूती की भी जांच कराई जाएगी।

एंबुलेंस पहुंचने में देरी की भी होगी जांच

हादसे के बाद परिजनों की ओर से एंबुलेंस पहुंचने में देरी की शिकायत की गई। डीएम ने इस मामले को भी जांच के दायरे में शामिल करते हुए एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जांच के निर्देश दिए हैं। सूचना मिलने से लेकर एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने तक का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

27.85 करोड़ की लागत से हुआ था घाट का सुंदरीकरण

गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2019 में तैयार हुआ था। करीब 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया गया था। अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए परिसर में कई चबूतरे और उनके ऊपर गुंबदनुमा छत बनाई गई थी। हादसे के बाद अब इन संरचनाओं की सुरक्षा और मजबूती पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन की तकनीकी जांच के बाद ही गुंबद गिरने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

बाल-बाल बचा एक युवक

हादसे के दौरान गोरखपुर के राप्तीनगर के रहने वाले आलोक भी वहीं गुंबद के नीचे बैठा था। वह अपनी मामी के अंतिम संस्कार में शामिल होने घाट पहुंचे थे। हादसे से ठीक पहले एक कुत्ता आकर उनके पास बैठ गया। उसे भगाने के लिए वह उठे और दौड़े, जिससे उनकी जगह बदल गई। इसी दौरान गुंबद ढहा। आलोक वहां होते थे तो वह भी इसकी चपेट में आ जाते लेकिन वह बाल बाल बच गए। आलोक ने कहा कि कुत्ते को भगाने न दौड़ा होता और इस वजह से मैं अपनी जगह से नहीं उठ हीं ता तो मैं भी मलबे में दब जाता। यह घटना जीवन भर नहीं भूलूंगा।

अधिवक्ताओं ने की नारेबाजी

साथी के घायल होने की सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे अधिवक्ताओं ने वहां की दुर्व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की। घटना की सूचना पर डीएम दीपक मीणा, एसपी सिटी निमिष पाटिल, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली मौके पर पहुंचे हैं। अधिवक्ताओं ने जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा एम्बुलेंस समय से उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने जताया शोक, जांच की मांग की

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अपने एक्स हेंडल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। लिखा,' गोरखपुर में राप्ती नदी के राजघाट श्मशान घाट पर गुंबद गिरने से एक अधिवक्ता की मृत्यु और एक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना बेहद दुखद है। करोड़ों की लागत से बने घाट पर गुंबद का गिरना, भ्रष्टाचार मुक्त होने का दावा करने वाली सरकार के मुखिया के गृह जनपद में भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। इसका कारण सिर्फ हादसा नहीं, भ्रष्ट निर्माण है। इस घटना और निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो, मृतक परिवार को उचित मुआवजा और घायल को समुचित इलाज की व्यवस्था सरकार करे।'