श्री करतारपुर कोरिडोर खोलने के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा पर अरदास; जत्थेदार गड़गज ने दोनों सरकारों से की अपील...
डेरा बाबा नानक, न्यूज। श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस के संबंध में सोमवार देर शाम को डेरा बाबा नानक की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पिछले समय से बंद पड़े श्री करतारपुर कोरिडोर को खोलने के लिए चढ़दे और लहिंदे पंजाब की संगत की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोनों देशों की संगत द्वारा अरदास की गई।
डेरा बाबा नानक की सीमा पर बने दर्शन स्थल, जहां नानक नाम लेवा संगत दूरबीन के माध्यम से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब जी के दर्शन करती हैं, वहां पर सोमवार शाम श्री अकाल तख्त साहिब जी के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज और अन्य नानक नाम लेवा संगत सीमा पर पहुंची और श्री करतारपुर कोरिडोर खोलने के लिए अरदास की गई।
दूसरी ओर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब से भी संगत द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस के मौके पर डेरा बाबा नानक की सीमा के निकट अरदास की गई।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब जी के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि भारत-पाकिस्तान की आजादी के बाद नानक नाम लेवा संगत की अरदासों तथा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश दिवस 2019 को डेरा बाबा नानक की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कोरिडोर खोला गया था।
इसके बाद कोरोना महामारी के दौरान रास्ता बंद होने के बाद दोनों देशों द्वारा श्री करतारपुर रास्ता खोल दिया गया था, मगर आपरेशन सिंदूर के बाद मई महीने से दोनों देशों के बीच आई खटास के बाद डेरा बाबा नानक की सीमा पर श्री करतारपुर कोरिडोर बंद पड़ा हुआ है।
श्री करतारपुर साहिब का लांघा खोलने के लिए अरदास की
उन्होंने कहा कि श्री करतारपुर साहिब जी का कोरिडोर बंद होने के कारण नानक नाम लेवा संगत श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र चरण स्पर्श धरती श्री करतारपुर साहिब जी के दर्शन करने को तरस रही हैं।
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि दोनों देशों द्वारा सीमा पर खोला गया श्री करतारपुर कोरिडोर भारत-पाकिस्तान के बिछड़ों को मिला रहा है और इस कोरिडोर के माध्यम से कई भाई-बहन जो बंटवारे के दौरान बिछड़ गए थे, आपस में मिल चुके हैं। जत्थेदार ने कहा कि आज दोनों देशों की संगत ने श्री करतारपुर साहिब का लांघा खोलने के लिए अरदास की है।
गौरतलब है कि जत्थेदार गड़गज द्वारा भारत-पाकिस्तान की सीमा पर अरदास करने के दौरान उनके केवल कुछ साथियों को ही सीमा पर जाने की अनुमति दी गई, जबकि इस मौके पर पत्रकार भाईचारे को बीएसएफ और पंजाब पुलिस के कर्मचारियों द्वारा सीमा पर जाने पर रोक लगा दी गई।
इस अरदास समागम में नानक नाम लेवा संगत को रोकने के कारण संगत में भारी रोष पाया जा रहा है। इस मौके पर बीएसएफ और पंजाब पुलिस द्वारा करतारपुर कॉरिडोर पर दर्शन स्थल से 200 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाए गए थे।