बीएचयू पहुंची रागिनी, अब पैरों की जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी उपचार की दिशा, मिल सकती है नई जिंदगी...
मनियर (बलिया) न्यूज। इंटरनेट मीडिया पर अपनी संघर्षपूर्ण कहानी से चर्चा में आई दिव्यांग रागिनी के बेहतर उपचार की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कदम बढ़ाया है। शनिवार को पीएचसी मनियर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. दिग्विजय कुमार रागिनी की मां बबीता देवी व स्वजन के साथ उसे लेकर बीएचयू पहुंचे। चिकित्सकों की देखरेख में उसके पैरों की नसों की जांच की जा रही है।
डा. दिग्विजय कुमार ने बताया कि डा. शुभम श्रीवास्तव की देखरेख में जांच चल रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे के उपचार और पैर को क्रियाशील बनाने की दिशा तय होगी। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर रागिनी को हायर सेंटर भेजा गया है। रागिनी के पैर की हड्डियां बचपन में दुर्घटना में टूट गई थीं, जो सही तरीके से नहीं जुड़ सकीं।
पैर को ठीक कराने के लिए तीन बार आपरेशन भी हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली। वह अब तक एक पैर के सहारे करीब 400 मीटर दूर स्कूल जाती रही है। जिला अस्पताल में जांच के बाद नसों की विस्तृत जांच के लिए उसे बीएचयू रेफर किया गया।
रागिनी के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। समाजसेवी भी मदद के लिए आगे आए हैं। रागिनी डॉक्टर बनने का सपना देख रही है और अब उसकी उम्मीदें बीएचयू की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।